1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 19 Feb 2026 01:09:04 PM IST
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SUCCESS STORY: मध्य प्रदेश कैडर के चर्चित आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद इन दिनों अपनी प्रशासनिक उपलब्धियों से अधिक निजी जीवन को लेकर चर्चा में हैं। उत्तर प्रदेश के सीतापुर निवासी अवि प्रसाद का करियर जितना प्रभावशाली रहा है, उतनी ही दिलचस्प उनकी व्यक्तिगत यात्रा भी रही है। तीन बार विवाह करने और हर बार जीवनसाथी के रूप में प्रशासनिक सेवा से जुड़ी अधिकारी का चयन करने के कारण उनका नाम सुर्खियों में बना हुआ है।
अवि प्रसाद ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चयन के साथ की थी। हालांकि उनका लक्ष्य इससे भी आगे था। उन्होंने दोबारा सिविल सेवा परीक्षा दी और वर्ष 2014 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 13वीं रैंक हासिल की। इसके साथ ही वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में चयनित हुए। इस उपलब्धि ने उन्हें प्रशासनिक जगत में एक अलग पहचान दिलाई। मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य के बल पर उन्होंने अपने करियर को नई ऊंचाई दी।
उनकी पहली शादी आईएएस अधिकारी रिजु बाफना से हुई थी। दोनों की मुलाकात प्रशिक्षण और प्रशासनिक सेवाओं के दौरान हुई और आपसी समझ के बाद विवाह का निर्णय लिया गया। हालांकि समय के साथ दोनों के रास्ते अलग हो गए और यह रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं चल सका।
इसके बाद अवि प्रसाद ने दूसरी शादी आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से की। यह विवाह भी काफी चर्चा में रहा, क्योंकि दोनों प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे। लेकिन यह संबंध भी अधिक समय तक कायम नहीं रह पाया और दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया।
हाल ही में अवि प्रसाद ने तीसरी बार विवाह किया है। इस बार उन्होंने 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे को जीवनसाथी चुना। अंकिता धाकरे वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। यह विवाह 11 फरवरी को कूनो नेशनल पार्क में सादगीपूर्ण समारोह में संपन्न हुआ, जिसमें परिवार और करीबी लोग ही शामिल हुए। प्राकृतिक वातावरण के बीच आयोजित यह शादी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।
तीनों विवाहों में एक समानता यह रही कि उनकी जीवनसंगिनी हर बार प्रशासनिक सेवा से ही जुड़ी रहीं। यही कारण है कि उनके निजी जीवन और पेशेवर दायरे के बीच एक विशेष सामंजस्य देखने को मिलता है। सोशल मीडिया पर भी इस विषय को लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत निर्णय बताते हैं, तो कुछ इसे असामान्य मानते हैं।
अवि प्रसाद ने अपने करियर में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। आईपीएस से आईएएस तक का उनका सफर उनकी लगन और क्षमता को दर्शाता है। निजी जीवन में उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने अपने प्रशासनिक दायित्वों को निभाने में कोई कमी नहीं छोड़ी।