ब्रेकिंग
अब गंगा में नहीं गिरेगा शहर का गंदा पानी, 19 नालों पर लगेगी रोक; 51 MLD STP से बदलेगी तस्वीरमामूली विवाद में खूनी खेल, चाकूबाजी में एक की मौत; तीन गंभीर घायल, इलाके में हड़कंपAshok Dham Stamped : 8 मौतों के बाद खुली प्रशासन की आंख! अब अशोक धाम में CCTV, बैरिकेडिंग और ‘एक ट्रेन’ का ज्ञानBihar News : बिहार के गांवों में अब खुलेगी मोबाइल नेटवर्क की पोल! डाक सेवक बताएंगे Airtel-Jio में किसका सिग्नल कितना दमदारबिहार में Student Credit Card लेने वालों के लिए बड़ी खबर! सरकार ने कॉलेजों पर कसा शिकंजा, अब होगी जमीनी जांचअब गंगा में नहीं गिरेगा शहर का गंदा पानी, 19 नालों पर लगेगी रोक; 51 MLD STP से बदलेगी तस्वीरमामूली विवाद में खूनी खेल, चाकूबाजी में एक की मौत; तीन गंभीर घायल, इलाके में हड़कंपAshok Dham Stamped : 8 मौतों के बाद खुली प्रशासन की आंख! अब अशोक धाम में CCTV, बैरिकेडिंग और ‘एक ट्रेन’ का ज्ञानBihar News : बिहार के गांवों में अब खुलेगी मोबाइल नेटवर्क की पोल! डाक सेवक बताएंगे Airtel-Jio में किसका सिग्नल कितना दमदारबिहार में Student Credit Card लेने वालों के लिए बड़ी खबर! सरकार ने कॉलेजों पर कसा शिकंजा, अब होगी जमीनी जांच

ECI के इस काम से बेहद खुश है सुप्रीम कोर्ट, दखलअंदाजी से किया इनकार

DESK : ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग के काम से सुप्रीम कोर्ट बेहद खुश नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि आयोग पर इस तरह के आरोप नहीं लगाए जाए सकते कि वह डुप्लिकेट और फर्जी वोट

ECI के इस काम से बेहद खुश है सुप्रीम कोर्ट, दखलअंदाजी से किया इनकार
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

DESK : ECI यानी भारत निर्वाचन आयोग के काम से सुप्रीम कोर्ट बेहद खुश नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि आयोग पर इस तरह के आरोप नहीं लगाए जाए सकते कि वह डुप्लिकेट और फर्जी वोटरों को हटाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहा है। दरअसल, एक जनहित याचिका दाखिल हुई थी, जिसमें आरोप लगाए गए थे कि सूची में फर्जी मतदाता शामिल हैं और बड़े स्तर पर डुप्लिकेट वोटर भी मौजूद हैं।


उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आयोग के अंतिम मतदाता सूची तैयार करने के काम पर संतुष्टि जताई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव आयोग का कहना है कि अंतिम प्रकाशित सूची के मुताबिक, देशभर में 96.9 करोड़ मतदाता रजिस्टर किए गए हैं। 18-19 और 20-29 आयुवर्ग के दो करोड़ से ज्यादा मतदाताओं को भी सूची में शामिल किया गया है।


चुनाव आयोग की तरफ से कोर्ट पहुंचे एडवोकेट अमित शर्मा ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा के सामने मतदाता सूची को लेकर जानकारी रखी। उन्होंने बेंच को बताया कि मतदाताओं की तरफ से चुनाव आयोग को डुप्लिकेट एंट्री हटाने और मृत वोटर्स को लिस्ट में हटाने से पूरा प्रयास नहीं किया जाता है।


उन्होंने बताया कि इसके चलते आयोग और बूथ लेवल के अधिकारियों ने घर-घर जाकर वेरिफिकेशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'एक आईटी सिस्टम संभावित डेमोग्राफिक सिमिलर एंट्रीज यानी DSEs और फोटो सिमिलर एंट्रीज (PSEs) की एक लिस्ट तैयार करता है। घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करना एक मददगार टूल के तौर पर इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (EROs/AEROs) की मदद करता है, जिन्हें संबंधित कानून और नियम के तहत प्रक्रिया को पूरा करना है।'


आपको बताते चलें कि देश में लोकसभा चुनाव की तैयारियां जारी हैं। हालांकि, अब तक चुनाव आयोग की तरफ से कार्यक्रम का ऐलान नहीं किया गया है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि फरवरी के अंत में या मार्च के पहले सप्ताह में तारीखों का ऐलान हो सकता है। ऐसे में अब सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को लेकर ख़ुशी जताई है तो इससे आयोग को भी बड़ी राहत मिली है।