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Bihar budget: बिहार के सभी निबंधन कार्यालय होंगे पेपरलेस, जमीन की रजिस्ट्री में कागजी झंझट होगा खत्म

Bihar Budget: बिहार के वित्त मंत्री द्वारा बजट पेश किया गया है इस बजट में बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सौगातों की वर्षा की गई है. बिहार में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए कागजी झंझट को ख़त्म करने के लिए बजट में खास चर्चा की गई है.

Bihar Budget
बिहार के सभी निबंधन कार्यालय होंगे पेपरलेस
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Viveka Nand
2 मिनट

Bihar Budget: बिहार विधानसभा में सोमवार को राज्य के डिप्टी सीएम सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश किया। बजट में डिजिटल बदलाव की ओर कदम बढ़ाते हुए सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि 2025-26 तक राज्य के सभी निबंधन कार्यालय पेपरलेस हो जाएंगे। जिसके बाद लोगों को जमीन की रजिस्ट्री कराने में कागजी कार्रवाई से राहत मिलेगी और सभी कागजी कार्य को डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जायेगा।  


वित्त मंत्री द्वारा बजट में कहा गया कि निबंधन कार्यालय के पेपरलेस हो जाने के बाद देश-विदेश में रहने वाले लोग भी ऑनलाइन निबंधन करा सकेंगे, जिससे बिहार की निबंधन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। पेपरलेस व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को भौतिक रूप से दस्तावेज तैयार करने की जरूरत नहीं होगी और जिससे समय व संसाधनों की बचत होगी। यह डिजिटल कदम “GO Green” पहल को बढ़ावा देने में मदद करेगा एवं राज्य में निबंधन प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाएगा।


देश या देश के बाहर रहने वाले लोग भी जमीन का निबंधन ऑनलाइन माध्यम से कर सकेंगे। इसके अलावा बिहार सरकार ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए स्टेट डेटा सेंटर 2.0 की कंप्यूटिंग और स्टोरेज क्षमता बढ़ाने का भी ऐलान किया है। इस योजना के दूसरे चरण के तहत 500 से अधिक सरकारी वेबसाइट, पोर्टल और एप्लीकेशन होस्ट किए जाएंगे, जिससे सरकारी सेवाएं और अधिक सुलभ हो जाएंगी। 


बिहार सरकार डिजास्टर रिकवरी (डीआर) और बिजनेस कॉन्टिन्यूटी फॉर बिहार स्टेट डेटा सेंटर परियोजना को भी लागू करेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी साइबर हमले या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सरकारी काम बाधित न हो। साथ ही कोई भी अपनी जमीन के कागजी कार्य को आसानी से पूरा कर पायेगा। 

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