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बिहार BJP के कोषाध्यक्ष राकेश तिवारी पर भारी फर्जीवाड़ा, जालसाजी समेत कई गंभीर मामलों में केस दर्ज, पुलिस के हाथ बंधे?

BJP के कोषाध्यक्ष और पूर्व BCA अध्यक्ष राकेश तिवारी पर गंभीर आरोप लगे हैं। मृत कोषाध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से 30 लाख रुपये निकालने के मामले में पाटलिपुत्रा थाने में जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में FIR दर्ज हुई है।

Bihar Politics
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Mukesh Srivastava
5 मिनट

PATNA: बिहार बीजेपी के कोषाध्यक्ष और बिहार क्रिकेट एसोसियेशन के पूर्व अध्यक्ष राकेश तिवारी के खिलाफ पटना पुलिस ने फर्जीवाड़ा, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात करने, फर्जी दस्तावेज से लेकर गंभीर फ्रॉडिज्म करने का एफआईआर दर्ज किया है. राकेश तिवारी पर मृत व्यक्ति का फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से 30 लाख रूपये निकालने का आरोप है. ये वाकया पिछले साल का ही है. पुलिस ने बीजेपी के कोषाध्यक्ष के खिलाफ केस दर्ज करने से इंकार कर दिया था. लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद राकेश तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है.


पाटलिपुत्रा थाना में एफआईआर दर्ज

बीजेपी के कोषाध्यक्ष राकेश तिवारी के खिलाफ पटना की पाटलिपुत्रा थाना में केस दर्ज किया गया है. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता(BNS) की धारा 318 (4), 316 (2), 336 (3), 334, 335 और 338 के तहत मामला दर्ज किया गया है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) की इन धाराओं का मतलब होता है गंभीर जालसाजी, फ्रॉडिज्म, आपराधिक विश्वासघात, जाली दस्तावेज बनाना. इन आरोपों की सजा आजीवन कारावास तक हो सकती है.


पूरा मामला समझिये

बिहार बीजेपी के कोषाध्यक्ष राकेश तिवारी पर आरोप लगता रहा है कि वे खुद को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का करीबी बताते हैं. राकेश तिवारी कुछ महीने पहले तक बिहार क्रिकेट एसोसियेशन के अध्यक्ष भी थे. उनके बाद उनके बेटे हर्ष वर्धन बिहार क्रिकेट एसोसियेशन के अध्यक्ष बने हैं. राकेश तिवारी पर बिहार क्रिकेट एसोसियेशन के अध्यक्ष रहते फर्जी तरीके से बैंक से 30 लाख रूपये निकाल लेने का आरोप है.


मृत व्यक्ति का फर्जी साइन किया

पाटलिपुत्रा थाना ने कुमार आशुतोष नामक व्यक्ति की शिकायत पर एफआईआर दर्ज किया है. ये मामला 2024 का है. तब बिहार क्रिकेट एसोसियेशन के अध्यक्ष राकेश तिवारी और कोषाध्यक्ष आशुतोष नंदन सिंह हुआ करते थे. एफआईआर में कहा गया है कि बिहार क्रिकेट एसोसियेशन के तत्कालीन कोषाध्यक्ष आशुतोष नंदन सिंह की मौत 24 जून 2024 को हो गई थी. बिहार क्रिकेट एसोसियेशन के नियमों के मुताबिक उसके खाते का संचालन अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से होता था.


एफआईआर में कहा गया है कि आशुतोष नंदन सिंह के निधन के बाद राकेश कुमार तिवारी ने फर्जी साइन कर बिहार क्रिकेट एसोसियेशन के खाते से मोटी रकम निकाल ली. एफआईआर के मुताबिक मृत कोषाध्यक्ष आशुतोष नंदन सिंह का जाली हस्ताक्षर कर उनके मरणोपरांत HDFC BANK Boring Road Branch (Account numr 50200051955995) से लगभग 30,00,000 /- (तीस लाख) रूपया कि राशि को अनेक खाता में ट्रासफर किया / करवाया गया और नगद रूपये की निकासी की गई.


एफआईआर के मुताबिक बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के नियमानुसार बैंक खाते के संचालन के लिए सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर का प्रावधान है. लेकिन पहले तो राकेश तिवारी ने सचिव के बदले खुद को बैंक खाते के संचालन में शामिल किया, फिर कोषाध्यक्ष के निधन के बाद एसोसिएशन के एकाउंट डिपार्टमेंट और बैंक के मैनेजर की मिली भगत से एसोसिएशन के चेक और आर०टी०जी०एस० फार्म पर मृत कोषाध्यक्ष का जाली हस्ताक्षर कर लगभग 30,00,000/- (तीस लाख) रूपया को विभिन्न खाता में ट्रांसफर करवाया और नगद निकासी करवाई.


बिहार क्रिकेट एसोसियेशन में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा

एफआईआर में कहा गया है कि राकेश कुमार तिवारी ने कुछ और लोगो के सहयोग से बिहार क्रिकेट संघ पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है. वे बिहार में क्रिकेट के संचलान के लिए बीसीसीआई (BCCI) से मिलने वाले करोड़ों रूपए का घोटाला कर रहे हैं और बाहरी राज्य के खिलाड़ियों को बिहार से खेलवा कर सालाना कई करोड़ों की अवैध उगाही खिलाड़ियों से कर रहे है. यह एक गंभीर अपराध है और पूरे राज्य के खिलाड़ियों के साथ किया जा रहा घोटाला है।


पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया

एफआईआर दर्ज कराने वाले कुमार आशुतोष ने कहा है कि वे इस मामले की जानकारी होने के बाद पटना के श्रीकृष्णापुरी थाने में मुकदमा दर्ज कराने गये लेकिन थाना ने केस दर्ज करने से इंकार कर दिया. इसके बाद पटना के तत्कालीन वरीय पुलिस अधीक्षक सह उपमहानिरीक्षक पुलिस को भी 26.10.2024 को पत्र भेजकर मुकदमा दर्ज करने का आग्रह किया. फिर भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.


इसके बाद कुमार आशुतोष ने पटना कोर्ट में एफआईआर दर्ज करने के लिए गुहार लगाई. पटना कोर्ट के कई बार के निर्देश के बाद पाटलिपुत्रा थाने में राकेश तिवारी के साथ साथ बिहार क्रिकेट एसोसियेशन के अकाउंटेंट मनीष कुमार समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

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