BPSC TRE 4 Vacancy : बिहार में चौथे चरण में 44 हजार शिक्षकों की होगी बहाली, फरवरी अंत या मार्च में आ सकता है विज्ञापन

बिहार में सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की बड़ी बहाली की तैयारी शुरू हो गई है। चौथे चरण में करीब 44 हजार पदों पर नियुक्ति होगी। बीपीएससी जल्द टीआरई-4 भर्ती का विज्ञापन जारी कर सकता है, जिससे युवाओं को बड़ा रोजगार अवसर मिलेगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 05 Feb 2026 07:44:07 AM IST

BPSC TRE 4 Vacancy : बिहार में चौथे चरण में 44 हजार शिक्षकों की होगी बहाली, फरवरी अंत या मार्च में आ सकता है विज्ञापन

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BPSC TRE 4 Vacancy : बिहार में सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए राज्य सरकार जल्द ही बड़े स्तर पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। शिक्षा विभाग ने चौथे चरण के तहत करीब 44 हजार शिक्षकों की बहाली की तैयारी पूरी कर ली है। कक्षा 1 से 12 तक के शिक्षकों की रिक्तियां सभी जिलों से प्राप्त हो चुकी हैं और आरक्षण रोस्टर के अनुसार उन्हें क्लियर कर सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि एक सप्ताह के अंदर यह रिक्तियां बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को भेज दी जाएंगी। इसके बाद बीपीएससी फरवरी के अंत या मार्च के शुरुआती दिनों में विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा यानी टीआरई-4 का विज्ञापन जारी कर सकता है।


जानकारी के अनुसार इस भर्ती अभियान में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सबसे अधिक नियुक्तियां होंगी। कक्षा 9 से 12 तक लगभग 25 हजार पदों पर शिक्षकों की बहाली प्रस्तावित है। वहीं प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक करीब 19 हजार पदों पर नियुक्ति की जाएगी। कक्षावार रिक्तियों की बात करें तो कक्षा 1 से 8 तक 19 हजार पद, कक्षा 9 से 10 तक 12 हजार पद और कक्षा 11 से 12 तक 13 हजार पद शामिल हैं।


बता दें कि बीपीएससी के माध्यम से पिछले दो वर्षों में तीन चरणों में करीब 2 लाख 27 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। चौथे चरण की नियुक्ति पूरी होने के बाद राज्य में शिक्षकों की कुल संख्या लगभग 6 लाख 40 हजार तक पहुंचने का अनुमान है। वर्तमान में बिहार में औसतन 29 छात्रों पर एक शिक्षक उपलब्ध है, लेकिन नई नियुक्तियों के बाद यह अनुपात घटकर लगभग 27 छात्रों पर एक शिक्षक हो जाएगा। इससे शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।


इस बार टीआरई-4 भर्ती में एक नई व्यवस्था भी लागू की जाएगी। इसके तहत बिहार के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने के लिए लगभग 85 प्रतिशत सीटें राज्य के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। शेष 15 प्रतिशत सीटों पर दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी तथा बिहार के वे छात्र आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने मैट्रिक और इंटरमीडिएट की पढ़ाई दूसरे राज्यों से की है। इस व्यवस्था के लागू होने से बिहार के युवाओं को सरकारी शिक्षक बनने का अधिक अवसर मिलने की संभावना है।


महिला अभ्यर्थियों को भी इस भर्ती प्रक्रिया में विशेष लाभ दिया जाएगा। कक्षा 5 तक के शिक्षकों की नियुक्ति में बिहार की महिला अभ्यर्थियों को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जबकि अन्य श्रेणियों में उन्हें 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ प्रदान किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिला शिक्षकों की संख्या बढ़ेगी और शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा।


हालांकि शिक्षा विभाग ने दिसंबर 2025 तक रिक्तियां बीपीएससी को भेजने का लक्ष्य रखा था, लेकिन आरक्षण रोस्टर को अंतिम रूप देने में समय लग गया। इसके अलावा विधानसभा चुनाव के कारण नवंबर तक जिलों से रिक्तियां नहीं मिल सकीं, जिससे पूरी प्रक्रिया में देरी हुई। अब विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।


इधर स्थानीय निकाय शिक्षकों के लिए आयोजित सक्षमता परीक्षा तृतीय और चतुर्थ में सफल अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग भी शुरू होने जा रही है। यह प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू होकर 11 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान 12,819 सफल शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाएगा। तीन जिलों को छोड़कर पटना समेत राज्य के अधिकांश जिलों में जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्रों पर काउंसिलिंग आयोजित की जाएगी। काउंसिलिंग पांच अलग-अलग टाइम स्लॉट में सुबह 9 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित होगी।


सरकार का कहना है कि शिक्षकों की बड़े पैमाने पर होने वाली इस बहाली से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे राज्य के युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।