रिसर्च करने वाले अभ्यर्थियों के लिए स्टाइपेंड की मांग, मुख्यमंत्री के सामने आया मामला

रिसर्च करने वाले अभ्यर्थियों के लिए स्टाइपेंड की मांग, मुख्यमंत्री के सामने आया मामला

PATNA : बिहार में शोध करने वाले अभ्यर्थियों के लिए स्टाइपेंड समेत अन्य तरह की सुविधाओं की मांग उठने लगी है। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में सोमवार को यह मामला पहुंचा। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने सकारात्मक पहल कर संज्ञान लिया और सकारात्मक आश्वासन भी दिया है।


दरअसल एक शोधार्थी छात्र ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार में शोधार्थी वजीफा (स्टाइपेंड) के साथ-साथ अन्य सुविधाओं की मांग करते हुए फरियाद लगायी। शोधार्थी ने अन्य राज्यों के राज्य विश्वविद्यालयों जैसे.. कोलकाता, लखनऊ, असम की तर्ज पर बिहार के भी राज्य के विश्वविद्यालयों में शोधार्थियो के मासिक वजीफा और  शोधार्थी की अन्य आवश्यक  उचित  सुविधाओ की माँग की है। इन मांगों में शोधार्थी मासिक वजीफा, एकेडमिक कौंसिल में पीएचडी शुल्क में वृद्धि, शोधार्थी छात्रावास की सुविधा, सेन्ट्रल इन्स्ट्रूमेन्ट फैस्लिटी, शोधार्थी कामन रूम से संबंधित सुविधाए देना शामिल हैं।


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विशेष जानकारी के लिए शिक्षामंत्री, अपर मुख्य सचिव, निदेशक उच्च शिक्षा, शिक्षा विभाग को आदेश दिया है. आवेदक शोधार्थी के अनुसंधान सम्बन्धित विभिन्न आवश्यक माँग को शिक्षामंत्री, अपर मुख्य सचिव ने गंभीरता से सुना है । शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने सकारात्मक पहल कर इससे संबंधित नीति बनाने का भी आश्वासन भी दिया है। इन तमाम सुविधाओ के साथ अनुसंधान कार्य में लगे सैकडों शोधार्थियो को फायदा मिलेगा।