पटना में पुलिस ने कृषि पदाधिकारी को दबोचा, साहब के ऊपर 36 लाख रुपये डकारने का बड़ा आरोप

पटना में पुलिस ने कृषि पदाधिकारी को दबोचा, साहब के ऊपर 36 लाख रुपये डकारने का बड़ा आरोप

PATNA : बिहार में  भ्रष्टाचारी अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है. इसी कड़ी में एक कृषि पदाधिकारी को पुलिस ने धर दबोचा है, जिसके ऊपर 36 लाख रुपये गबन करने का आरोप है. इस आरोपी कृषि पदाधिकारी को राजधानी पटना में अनिसाबाद स्थित उर्मिला मेडिकल हॉल की गली गिरफ्तार किया गया है. 


रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई में आरोपी कृषि पदाधिकारी की गिरफ्तारी हुई है. डेहरी अनुमंडल के अकोढ़ी गोला प्रखंड के पूर्व प्रखंड कृषि पदाधिकारी मलय कुमार शेखर को पटना के अनिसाबाद से स्थित उर्मिला मेडिकल हॉल की गली गिरफ्तार किया गया है. रोहतास के एसपी आशीष भारती ने खुद यह जानकारी दी है. 


एसपी आशीष भारती ने बताया कि अकोढ़ी गोला में उक्त प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी ने अपनी प्रतिनियुक्ति के दौरान रोहतास के बाजार समिति में तकिया सीएमआर गोदाम के गोदाम प्रबंधक के रूप में प्रतिनियुक्त थे. इस दौरान उन पर 36 लाख रुपये से ज्यादा राशि के धान की सरकारी राशि गबन करने का आरोप लगाया गया था. इस मामले में साल 2017 में सासाराम नगर थाने में एफ आई आर दर्ज की गई थी.


रोहतास पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने जानकारी देते हुए बताया कि अकोढ़ी गोला के तत्कालीन प्रखंड कृषि पदाधिकारी मलय कुमार शेखर के खिलाफ सासाराम नगर थाने में 21 अक्टूबर 2017 को गबन के मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी. काण्ड संख्या-1543 /17 दर्ज किया गया था.उस समय मलय कुमार शेखर अकोढ़ी गोला प्रखंड कृषि पदाधिकारी के अलावा रोहतास बाजार समिति तकिया गोदाम सासाराम में गोदाम प्रबंधक के पद पर प्रतिनियुक्त थे. 


उसी दौरान उनपर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 36,14,568.22 रुपये गबन का आरोप लगा था और सासाराम नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. सासाराम में सीएमआर प्रभारी के रूप में एक हजार बोरा चावल गबन करने का आरोप लगा है. इसे लेकर एसएफसी ने नगर थाना में एफआईआर दर्ज करायी थी.


पुलिस ने जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कोर्ट से वारंट प्राप्त करके पटना के गर्दनीबाग स्थित सेवा निवृत पदाधिकारी के आवास से उसे गिरफ्तार किया है. कहा जाता है कि गोदाम में चावल सड़ गया था. गोदाम प्रभारी के रूप में मलय शेखर ने खराब चावल जमा कराने की बात कही थी. गोदाम में सड़ा बोरा भी दिखाया था. लेकिन, जांच टीम ने उसे नहीं माना. सेवा निवृत होने के बाद प्रखंड कृषि पदाधिकारी फरार चल रहा था.