1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 12, 2026, 5:28:24 PM
रसोई गैस के लिए प्रधानमंत्री पर हमला - फ़ोटो सोशल मीडिया
PATNA:ईरान-इजराइल युद्ध का असर अब बिहार में देखने को मिल रहा है। बिहार में घरेलू रसोई गैस की किल्लत से लोग परेशान हैं। यहां तक कि 3 दिनों से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग बंद कर दी गई है।
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं होने की वजह से होटल, रेस्टॉरेंट, हॉस्टल पर खासा असर पड़ा है। कई तो गैसे सिलेंडर नहीं रहने से बंद हो गये हैं। लोगों की इस बड़ी समस्या को देखते हुए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है। रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा है कि सिलेंडर की किल्लत का जश्न कब होगा ? प्रधानमंत्री जी ..
"प्रधानमंत्री लाइन लगवाओ योजना ( PMLLY ) " के अंतर्गत मोदी जी ने पहले नोट बदलने के लिए लाइन लगवाई , फिर ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए लाइन लगवाई और अब गैस सिलेंडर के लिए लाइन लगवा रहे हैं ...अपने को चमकाने - दिखाने की बीमारी से ग्रस्त , आपदा - विपदा - इमरजेंसी को जश्न के इवेंट में तब्दील कर आम जनता के जख्मों पर नमक - मिर्ची रगड़ने, कुरेदने के लिए जाने जाने वाले प्रधानमंत्री जी.. बस इस बार फिर से अगर आप थाली - कटोरा या खाली गैस सिलेंडर ही पिटवा देते , दीया - मोमबत्ती - पटाखे जलवा देते , तो तमाशा खड़ा करने का आपका प्रयोजन भी पूरा हो जाता और आपको महावतार मान पूजने वाले आपके अनन्य भक्तों को सिलेंडर का जिक्र करने की बजाए " महामानव नरेंदर .. नरेंदर .. नरेंदर " का जयकारा लगाने का एक और बहाना मिल जाता...!!
वही घरेलू गैस सिलेंडर के लिए लोग कतार में नजर आ रहे हैं। इसके बावजूद कई लोगों को गैस नहीं मिल पा रहा है। मोबाइल पर गैस सिलेंडर की बुकिंग भी बंद है। लोग परेशान हैं और सरकार के अधिकारी कह रहे हैं कि गैस की किल्लत नहीं है, लोगों को अफवाह से बचने की सलाह दी जा रही है। लेकिन आम लोगों का कहना है कि स्थिति यह है कि 90 रुपये किलो बिकने वाला गैस आज वो 300 रुपये किलो सिलेंडर में भरवा रहे हैं। पटना में रहकर नौकरी की तैयारी करने वाले छात्रों और आम लोगो का यह कहना है।
पटना में गैस की कालाबाजारी हो रही है। स्थिति यह है कि आज 300 रुपये देने पर भी एक किलो गैस नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय दुकानदार जो गैस भरकर छोटे सिलेंडर में बेचते हैं उन्होंने भी हाथ खड़े कर दिये है। उनका कहना है कि गैस है ही नहीं तो हम कहां से छोटे सिलेंडर में गैस भरेंगे। पटना में रह कर तैयारी करने वाले छात्र अब अपने-अपने गांव के लिए रवाना हो गये हैं। उनका कहना है कि गांव में जलावन की कमी नहीं है। पटना में रहेंगे तो भूखे मर जाएंगे, इसलिए जो छात्र यहां हैं वो भी गांव के लिए रवाना हो गये हैं।