पटना में तीन और विद्युत शवदाह गृह चालू करने का आदेश, कोरोना काल में लाश जलाने के लिए नहीं करना होगा इंतजार

1st Bihar Published by: Updated Apr 16, 2021, 2:48:47 PM

पटना में तीन और विद्युत शवदाह गृह चालू करने का आदेश, कोरोना काल में लाश जलाने के लिए नहीं करना होगा इंतजार

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PATNA : देश भर में कोरोना महामारी से सैकड़ों लोगों की जान जा रही है. बिहार में भी हर एक घंटे एक व्यक्ति की मौत हो रही है. बीत दिन राज्य सरकार की ओर से जारी ताजा आंकड़े के मुताबिक 24 घंटे में 24 लोगों की जान जा चुकी है. राजधानी पटना में बांस घाट पर शव को जलाने के लिए लोगों को काफी इंतजार करना पड़ रहा है. कुछ तस्वीरें भी मीडिया में सामने आई थीं. जिसके बाद पटना के डीएम ने एक बड़ा आदेश दिया है. 


पटना के जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने राजधानी पटना के तीन अतिरिक्त शवदाह गृह को चालू करने का आदेश जारी किया है. शवों का अंतिम संस्कार करने में मृतक के परिजनों को जो परेशानी हो रही है, इसे देखते होते डीएम ने यह बड़ा आदेश दिया है. गौरतलब हो कि पटना का खाजेकलां घाट विद्युत शवदाह गृह दो माह से बंद है. इसे कुछ माह पहले चालू कराया गया था. यहां भी संक्रमितों का शव जलाना है. खराब रहने के कारण यहां शव नहीं जलाए जा सकते हैं. इसलिए डीएम ने इसे भी चालू करने का आदेश दिया है. 


हाल ही मीडिया में ये ख़बरें सामने आई थीं कि बांस घाट पर शवों का अंतिम संस्कार करने में लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं. उन्हें काफी इंतजार करना पड़ रहा है. मीडिया में खबर सामने आने के बाद पटना के जिलाधिकारी डॉ.चंद्रशेखर सिंह ने खुद शवदाह गृहों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने पाया कि पटना के बांस घाट को छोड़ कर, बाकी सभी घाटों पर विद्युत शवदाह गृह खराब पड़े थे. ऐसे में उन्होंने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर उन्हें जल्द ठीक कराने की बात कही. जिन घाटों पर व्यवस्था दुरुस्त करने का आग्रह किया गया है, उनमें गुलबी घाट और पटना सिटी स्थित खाजेकलां घाट शामिल हैं.


आपको बता दें कि पटना नगर निगम ने संक्रमितों के शवों को जलाने के लिए अलग टीम तैनात की है. पटना में तीन विद्युत शवदाह गृहों में कोरोना संक्रमितों के शवों को जलाने की व्यवस्था है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दिनों पटना के बांसघाट विद्युत शवदाह गृह में बीते दिन तक 42 घंटे के दौरान 43 शवों का दाह संस्कार किया गया. रविवार की रात 12 बजे से सोमवार की रात 12 बजे तक 24 शव जलाए गए. सोमवार की रात से मंगलवार की शाम 19 शव जलाए जा चुके थे. जबकि, 10 शव इसके बाद भी जलाए गए.  दाह संस्कार के लिए आठ से 10 घंटों तक का इंतजार करना पड़ रहा है.