1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Feb 27, 2026, 3:15:19 PM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Holi 2026: होली का त्योहार अब कुछ ही दिनों की दूरी पर है और घरों में तैयारियां जोरों पर हैं। बाजार रंगों और गुलाल से भर गए हैं, लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि चमकीले पैकेट और सस्ते दाम में मिलने वाले गुलाल में अक्सर खतरनाक केमिकल मिलाए होते हैं।
ऐसे रंग स्किन, आंखों और श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गुलाल खरीदते समय कुछ आसान तरीकों से असली और नकली गुलाल की पहचान की जा सकती है। असली और नकली गुलाल की पहचान के आसान तरीके हैं।
गुलाल की पहचान के आसान तरीके
महक जांचें: गुलाल की हल्की और प्राकृतिक खुशबू सुरक्षा का संकेत है। तेज और रासायनिक जैसी खुशबू वाले गुलाल से बचें।
पानी टेस्ट: थोड़ी मात्रा गुलाल पानी में डालें। अगर रंग आसानी से घुल जाए और नीचे कोई भारी कण न जमा हो, तो यह सुरक्षित है। वरना यह मिलावटी हो सकता है।
हथेली पर रगड़ें: असली गुलाल मुलायम महसूस होता है। अगर उसमें दरदरे या चमकते कण हों, तो इसे इस्तेमाल न करें।
पैकेट पर सामग्री देखें: सिर्फ 'हर्बल' लिखा होना पर्याप्त नहीं है। हल्दी, चंदन, फूलों का पाउडर जैसी प्राकृतिक सामग्री का उल्लेख होना चाहिए। भरोसेमंद ब्रांड से ही खरीदारी करें।
मिलावटी गुलाल के खतरे
सस्ते और नकली गुलाल में लेड, मरकरी, क्रोमियम जैसे हानिकारक तत्व हो सकते हैं। कई बार रंग को चमकदार बनाने के लिए बारीक कांच के कण भी मिलाए जाते हैं। इसके कारण स्किन पर जलन, लाल चकत्ते और खुजली हो सकती है। आंखों में जाने पर गंभीर इरिटेशन हो सकता है।
एलर्जी या अस्थमा वाले लोग विशेष रूप से जोखिम में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ रंग देखकर फैसला करना खतरे से बचाव नहीं करता। सुरक्षित और प्राकृतिक गुलाल चुनकर ही होली खेलें, ताकि त्योहार खुशियों और स्वास्थ्य के साथ यादगार बने।