नीतीश ने खोली लालू-राबड़ी राज की पोल, कहा-सबको पता है पहले अस्पतालों की हालत क्या थी?

नीतीश ने खोली लालू-राबड़ी राज की पोल, कहा-सबको पता है पहले अस्पतालों की हालत क्या थी?

PATNA: पटना में कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया, बिहार इकाई के वार्षिक सम्मेलन में CM नीतीश शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए अपनी उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा कि पहले आईजीआईसी की क्या स्थिति थी? आपको मालूम है ना..कितना बुरा हाल था। पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि हम जब एमपी थे तब मेरी मां की तबीयत खराब हो गयी थी। तब एक बार उनकों आईजीआईसी ले गये थे रातभर वही रूके हुए थे। जहां पर रहने का इंतजाम था उसके बगल में नीचे लोग हल्ला किया करता था। जिससे बहुत दिक्कत होती थी। आज सब चीज को हमने बदल दिया।  


आज आईजीआईसी कैसा बन गया यह कोई साधारण चीज है। हमने कहा कि पूरे तौर पर ऐसा इंतजाम होना चाहिए और सब काम किया गया। जब भी लोग कहते हैं कि यह कमी है तो उसे हम पूरा करते हैं। पहले बिहार के अस्पतालों की क्या व्यवस्था थी। उस समय इलाज के लिए कितने लोग सरकारी अस्पताल जाते थे। पीएमसीएच, आईजीआईएमएस और आईजीआईसी की क्या हालत थी यह किसी से छिपी नहीं है। लेकिन जब मुझे काम करने का मौका मिला तब हमने स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी काम किया। इसे बात को आप खुद समझ सकते हैं। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएमसीएच में सबसे बड़े अस्पताल का निर्माण हो रहा है। अब लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना होगा। एक एक काम कर रहे हैं। आईजीआईएमएस पहले बना जब आए तो देखा कि ठीक से काम ही नहीं कर रहा है उसे भी इतना बढ़िया बना दिये। बाल हृदय योजना के तहत दिल के छेद के साथ जन्मे बच्चे का निशुल्क इलाज का इंतजाम किया। अहमदाबाद में बच्चों का इलाज कराने के लिए यहां से भिजवाया। कई बच्चों का वहां इलाज हो गया। 794 बच्चों का इलाज अहमदाबाद में हुआ। बच्चों को हमलोग पटना से अहमदाबाद भेजे जहां खूब अच्छे तरीके से ट्रिटमेंट हुआ। 


आईजीआईसी में अब तक 198 बच्चों का इलाज हो चुका है जिनके दिल में छेद था। अब आईजीआईएमएस में भी ऐसे बच्चों का इलाज शुरू हो गया है। अब किसी को बाहर भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि पीएमसीएच 5462 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य चल रहा है। आईजीआईएमएस 2500 बेड, एनएमसीएच 2500 बेड एसकेएमसीएच 2500 एएनसीएच गया 2500 और दरभंगा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल का भी विस्तार हम करवा रहे हैं। पटना में हड्डी के इलाज के लिए राजवंशी नगर अस्पताल का भी विस्तार कराया गया है। 


राजवंशी नगर अस्पताल का नामकरण लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल किया गया। जेपी जी अपना इलाज के लिए यही कराने गये थे। जीपी की मूर्ति की स्थापना की गयी थी और हमने इस अस्पताल का नामकरण ही करा दिया लेकिन सब तो भुलाइए जाएगे हम जो जो चीजवा कर दिये वो कोई याद रखता है क्या? हम इतना काम किये है वो मीडिया भी नहीं छापती है सिर्फ केंद्र सरकार के काम को बढ़ चढ़कर छापा जाता है।