1st Bihar Published by: Updated Oct 24, 2021, 8:27:00 AM
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MUZAFFARPUR : मुजफ्फरपुर क्षेत्र के नए कार्य में बंद हार्डकोर नक्सली और एरिया कमांडर के पास से मोबाइल फोन बरामद किया गया है। शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में बंद हार्डकोर नक्सली रोहित सहनी और लालबाबू भास्कर के अलावा आर्म्स एक्ट के बंदी अभयानंद शर्मा मोबाइल से बड़ी साजिश रचने की फिराक में थे। वह जेल से ही मोबाइल पर नक्सलियों और अपरधियों से संपर्क में था। संगठन विस्तार के लिए जेल से ही सारे निर्देश जारी कर रहा था। इसकी भनक लगने पर जेल प्रशासन ने तलाशी अभियान चलाया। इसमें तीनों के पास से मोबाइल और चार्जर समेत अन्य आपत्तिजनक सामान मिले हैं। जेल अधीक्षक ने मिठनपुरा थाने में तीनों बंदियों पर नामजद एफआईआर दर्ज की है। दोनों नक्सली कमांडर सेल में बंद हैं। रोहित सहनी वैशाली के थाथन बुजुर्ग गांव और लालबाबू भास्कर शिवहर के तरियानी का निवासी है। जबकि अभयानंद शर्मा खरौना-पताही का रहने वाला है।
जेल सुरक्षा की व्यवस्था को जानने वालों का कहना है कि बगैर जेल सिपाही की मिलीभगत के अंदर कोई सामान नहीं जा सकता है। जेल गेट पर एक-एक सामान की मशीन से जांच के बाद ही उसे जेल के अंदर बंदियों को भेजा जाता है। जेल गेट पर तैनात सिपाही रुपए लेकर सामान पार करा सकते हैं। इसी तरह कोर्ट में पेशी से लौटने वाले बंदियों की सिपाही गेट पर ही तलाशी लेते हैं। इसके बाद ही उसे वार्ड या सेल में भेजा जाता है। बता दें कि पहले भी मुजफ्फरपुर जेल में सामान पहुंचाने के लिए तीन सिपाहियों पर नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई थी। हालांकि एफआईआर के बाद भी अब तक तीनों की गिरफ्तारी नहीं हुई।
एफआईआर दर्ज होने के बाद मिठनपुरा थानेदार भागीरथ प्रसाद ने बताया कि नक्सली बंदी रोहित सहनी, लालबाबू सहनी उर्फ भास्कर व अभयानंद शर्मा के पास से मिले मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही है। जेल प्रशासन ने बताया है कि रोहित सहनी के पास से एक मोबाइल मिला है। लालबाबू सहनी उर्फ भास्कर के पास एक चार्जर व आर्म्स एक्ट के आरोपी अभयानंद शर्मा के पास से एक मोबाइल बरामद किया गया है। बता दें कि रोहित सहनी लैंड माइंस विस्फोट का माहिर है। यह मारक दस्ता का कमांडर रहा है। जबकि लालबाबू भास्कर माओवादी नक्सली संगठन में जोनल कमांडर रहा है।