झारखंड विधानसभा में उठा चिक बड़ाईक जनजाति का मुद्दा, जाति प्रमाण पत्र बनवाने में क्यों होती है मुश्किल

झारखंड विधानसभा में उठा चिक बड़ाईक जनजाति का मुद्दा, जाति प्रमाण पत्र बनवाने में क्यों होती है मुश्किल

RANCHI: झारखंड विधानसभा बजट सत्र में आज सदन में कांग्रेस विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने चिक बड़ाईक समाज का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि इस समाज को जाति प्रमाण पत्र बनाने में मुश्किल आ रही है. जनजातीय समाज को उनके प्रमाण पत्र नहीं होने की वजह से हक़ नहीं मिल पाता है. 


इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए विधायक शिल्पी ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए एक उच्च-स्तरीय कमिटी का गठन किया जाना चाहिए. जिसके जवाब में संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कहा चिक बड़ाईक अलग-अलग लिखने की वजह से परेशानी उत्पन्न हुई है. इसका सरलीकरण करना होगा.


वही मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि ट्राइबल एडवाइजरी कमिटी से रिपोर्ट मंगाया जाएगा. और रहन-सहन के आधार पर समाज का सरलीकरण करना होगा. वही इस मामले में कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि कहीं-कहीं तो धर्म के आधार पर प्रमाण पत्र दिया जा रहा है.