1st Bihar Published by: 13 Updated Aug 24, 2019, 1:32:32 PM
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DESK: पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता अरुण जेटली को खोने का गम पूरे देश को है. मोदी सरकार की सफलता में जेटली का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. अरुण जेटली ने वित्त मंत्री रहते हुए कई ऐसे फैसले लिए जिसे सालों तक याद रखा जाएगा. मोदी सरकार ने आर्थिक मोर्चे पर कई बड़े फैसले लिए जिनमें जीएसटी, आईबीसी प्रमुख हैं. अरुण जेटली के वित्त मंत्री रहते हुए देश में महंगाई पर काबू पाया गया. एनपीए भार को बैंक के ऊपर से कम करने के लिए अरुण जेटली ने अनेक प्रयास किए हैं. एसबीआई के समूह बैंक को एक करने में भी उनके प्रयास को याद रखा जाएगा. जेटली को मिला टैक्स रिफॉर्म का बड़ा जिम्मा जब 1 जुलाई 2017 को केंद्र और राज्यों के 17 से ज्यादा इनडायरेक्ट टैक्स के बदले में जीएसटी लागू किया गया, तब जेटली ही वित्त मंत्री थे. उस समय तक जीएसटी 150 देशों में लागू हो चुका था. भारत 2002 से इस पर विचार कर रहा था. 2011 में यूपीए सरकार के समय तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भी इसे लागू कराने की कोशिश की थी. लेकिन यह एनडीए की सरकार बनने के तीन साल बाद 2017 में लागू हो सका. राफेल पर संभाला मोर्चा जब राफेल लड़ाकू विमान के सौदे में भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे विपक्ष ने पीएम मोदी और तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को घेरा, तब जेटली संसद में मोर्चा संभाले दिखे. उन्होंने लोकसभा में राफेल पर बहस के दौरान कहा, ‘कांग्रेस को जहाज और लड़ाकू जहाज के बीच का मौलिक अंतर ही नहीं पता. हमारे समय जो पहला विमान हमें मिलेगा, उसकी कीमत यूपीए के समय तय किए गए बेसिक विमान से 9% कम होगी. वेपनाइज्ड विमान की कीमत 20% तक कम होगी.' उन्होंने इस मुद्दे पर सवाल उठा रही कांग्रेस से नेशनल हेराल्ड, अगस्ता-वेस्टलैंड और बोफोर्स पर सवाल पूछ लिए.