H3N2 का बढ़ रहा प्रकोप: झारखंड में मिले 2 मरीज, 4 साल की बच्ची हुई पॉजिटिव

H3N2 का  बढ़ रहा प्रकोप: झारखंड में मिले 2 मरीज, 4 साल की बच्ची हुई पॉजिटिव

RANCHI  : देश के तमाम राज्यों के बाद अब झारखंड में भी एच3एन2 इन्फ्लुएंजा वायरस ने दस्तक दे दी है। इससे बच्चे और बुजुर्ग इस वायरस से सबसे ज्यादा संक्रमित हो रहे हैं। लेकिन युवा भी इसके चपेट में आ रहे है। वही इस बीच झारखंड में H3N2 के दो मरीज मिले हैं। राज्य के अंदर इस वायरस ने सबसे पहले महिला को अपने चेपट में लिया है। और अब रांची में एक चार साल की बच्ची इस वायरस से संक्रमित हो गई है। बताया जा रहा है लड़की को सर्दी, बुखार और निमोनिया के लक्षण थे।


डॉक्टरों ने बताया कि, बच्ची के सैंपल की जांच के बाद पता चला कि वह H3N2 वायरस से ग्रसित हो गई है। जिसके बाद लड़की को आइसोलेशन में रखा गया है। वह ऑक्सीजन सपोर्ट पर है। उसकी सेहत अभी स्थिर है। बच्ची को खाने के लिए लिक्विड फूड दिए जा रहे हैं. वैसे हॉस्पिटल के डॉक्टर यह नहीं बता सके कि बच्ची हाल के दिनों में किन-किन जगहों पर गई है या यात्रा की है।


जमशेदपुर के साकची निवासी 68 वर्षीय महिला में एच-3 एन-2 वायरस की पुष्टि हुई है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने बताया कि, कुल 6 लोगों के सैंपल की जांच की गई। जिसमें एक महिला के सैंपल जांच में एच3 एन2 वायरस की पुष्टि हुई है। बाकी पांच निगेटिव पाए गए हैं। फिलहाल यह महिला एमएच के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है। इसे बुखार और सर्दी-खांसी है। हालांकि, इस महिला की कोई ट्रैवल हिस्ट्री अब तक नहीं मिली है। यह राज्य का पहला एक्टिव केस माना जा रहा है।  


वहीं, राज्य समेत देश में तेजी से पांव पसार रहे इस वायरस को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी सभी राज्यों को पत्र लिख अधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी है। केंद्र की ओर से जारी एडवाइजरी के बाद झारखंड में भी H3N2 इन्फ्लुएंजा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गयी है। उसमें कहा गया है कि, इस वायरल संक्रमण के मामलों में एंटीबायोटिक मददगार नहीं होगी। ऐसे रोगियों को एंटीबायोटिक दवाओं के बजाय मौसमी फलों के साथ स्वस्थ आहार लेना उचित रहता है। गुनगुने पानी का उपयोग करना लाभप्रद रहेगा. ऐसे रोगियों को बस स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए।  


इधर, इस बीमारी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में हो गया है।  इस वायरस से बचाव के सभी इंतजाम किये गये हैं। विभाग के पास पूरे संसाधन उपलब्ध हैं। इसके साथ ही एडवाइजरी जारी कर आइसोलेशन वार्ड और आईसीयू तैयार रखना का निर्देश जारी किया गया है। जरूरत पड़ने पर रिम्स में तुरंत 30 बेड के आइसोलेशन वार्ड तैयारी होंगे।