DELHI : केंद्र द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लेने के बाद अब किसानों की मांग है कि एमएसपी पर गारंटी कानून बने. इसीलिए किसान अब तक दिल्ली की बॉर्डर पर डटे हुए हैं. संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से केंद्र सरकार पर आरोप लगाया गया है कि सरकार बातचीत को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही है.
बता दें कि पिछले दिनों एमएसपी से संबंधित मसले पर बात करने के लिए किसान संगठनों की तरफ से पांच प्रतिनिधियों के नाम दिये गए थे. जिसमें पंजाब से बलबीर राजेवाल, हरियाणा से गुरनाम सिंह चढूनी, उत्तर प्रदेश से युद्धवीर सिंह, मध्य प्रदेश से शिव कुमार कक्का, और महाराष्ट्र से अशोक धवले के नाम शामिल थे. हालांकि इन नामों के दिये जाने के बाद किसान संगठनों को सरकार की तरफ से बैठक के बुलावा नहीं आया है.
वहीं इस मामले पर आज मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक होगी. जिसमें किसान संगठन सरकार पर अपना दबाव बनाने की कोशिश करेंगे. बता दें कि इस बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति भी तैयार की जायेगी.





