1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 02 Jul 2023 07:26:34 AM IST
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PATNA : राजधानी पटना में डोमिसाइल निति हटाने को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों के शनिवार को राजभवन मार्च करने जा रही थी, लेकिन पुलिस प्रसाशन के तरफ से इनलोगों को बीच में रोक लिया। जिसके बाद भीड़ नियंत्रण को लेकर पुलिस के तरफ से लाठीचार्ज भी कर दी गई। जिसके बाद अब इस लाठीचार्ज के विरोध में इन अभ्यर्थियों ने 11 जुलाई को सड़कों पर उतरने का फैसला लिया है।
दरअसल, शिक्षक अभ्यर्थी पर हुए लाठीचार्ज को लेकर कई संगठनों ने निंदा की है। जिसके बाद बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ ने 11 जुलाई को शिक्षक सड़क पर उतरने का फैसला लिया है। विधानसभा का घेराव किया जाएगा। टीईटी शिक्षक संघ ने भी शिक्षक अभ्यर्थियों पर पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लाठीचार्ज से पूरे बिहार के शिक्षकों में आक्रोश है। वर्षों से बहाली का हम इंतजार कर रहे है और जब शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करते है तो लाठीचार्ज किया जाता है।
मालूम हो कि, राजभवन मार्च कर रहे अभ्यर्थी को पुलिस बल के तरफ डाक बंगला चौराहे से हटाए जाने के बाद तमाम अभ्यर्थी राजद कार्यालय पहुंचे। राजद कार्यालय के बाहर घंटों नारेबाजी की। वहां से भी अभ्यर्थियों को पुलिस ने खदेड़ कर हटाया। इन अभ्यर्थी ने बताया कि हम राजभवन जाने के लिए गांधी मैदान से मार्च करते हुए निकले थे। शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकाल रहे थे, लेकिन पुलिस ने हमें बेरहमी से पीटा। महिला अभ्यर्थियों को भी नहीं बख्शा। हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे। जब तक डोमिसाइल नीति लागू नहीं होगी, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। अब हमलोग 11 जुलाई को सड़क पर उतरेंगे।
इधर, डाकबंगला पर प्रदर्शन करने के मामले में गांधी मैदान और कोतवाली थाने की पुलिस ने कुल 19 को गिरफ्तार किया है। गांधी मैदान में एक अभिषेक कुमार पर नामजद व 50 से 60 अज्ञात जबकि कोतवाली में 18 नामजद और 500 अज्ञात पर सरकारी आदेश की अवहेलना करने और बाधा डालने, पथराव करने और यातायात व्यवस्था को बाधित करने व अन्य आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया है। कोतवाली थानेदार संजीत कुमार ने बताया कि सभी को सीआरपीसी की धारा 41 के तहत नोटिस देकर शनिवार की रात छोड़ दिया गया।