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कोरोना का खतरा : सरकार के आदेश के बावजूद खुले पाये गये 7 निजी स्कूल, सख्त कार्रवाई का निर्देश

1st Bihar Published by: Updated Mar 17, 2020, 9:06:24 PM

कोरोना का खतरा : सरकार के आदेश के बावजूद खुले पाये गये 7 निजी स्कूल, सख्त कार्रवाई का निर्देश

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JAMUI : कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए बिहार के सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद करने के सरकारी निर्देश के बावजूद जमुई के 7 निजी स्कूल खुले पाये गये. जांच के दौरान पकड़े जाने के बाद जिला प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है. उन स्कूलों को तत्काल बंद कराने का भी आदेश दिया गया है.


5 दिन पहले ही राज्य सरकार ने दिया था आदेश
गौरतलब है कि पांच दिन पहले ही राज्य सरकार ने बिहार के तमाम सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेजों को 31 मार्च तक बंद कर देने का आदेश दिया था. कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सरकार ने ये फैसला लिया था. सरकार के इस आदेश से तमाम स्कूल संचालकों को भी अवगत करा दिया गया था. लेकिन इसके बाद भी जमुई के 7 निजी स्कूल संचालकों ने अपने स्कूल बंद नहीं किये.


जांच में पकड़े गये ये 7 स्कूल
जमुई के जिला शिक्षा पदाधिकारी के मुताबिक जांच में खुले पाये गये स्कूल सिकंदरा और चकाई में अवस्थित हैं. प्रशासन द्वारा की गयी जांच में केरला विद्यालय, सिकंदरा, सरस्वती विद्या मंदिर, सिकंदरा, दीक्षा विद्यालय, सिकंदरा,  न्यूली विद्या मंदिर, सिकंदरा, ग्रेगेड इंटरनेशनल, सिकंदरा, अलीष हाई सेकंडरी, सिकंदरा और चकाई का जीनियस पब्लिक स्कूल खुला पाया गया.


कार्रवाई का आदेश
शिक्षा विभाग ने खुले पाये गये इन स्कूलों को तत्काल बंद कराने और उन सभी स्कूलों के संचालकों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया  है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत खुद स्कूल में जाकर जांच करने और दो दिनों के अंदर रिपोर्ट देने को भी कहा गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी विजय कुमार हिमांशु ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को लिखे गये पत्र में कहा है कि सरकार ने कोरोना वायरस के बचाव के लिए स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद ये स्कूल कैसे खुले थे.


स्कूलों पर लग सकता है भारी जुर्माना
शिक्षा के अधिकार कानून के तहत सरकारी निर्देश को नहीं मानने वाले स्कूलों पर एक लाख रूपये या प्रतिदिन दस हजार रूपये के हिसाब के जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके साथ ही स्कूल खोलने की सरकारी स्वीकृति को भी रद्द किया जा सकता है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट आने के बाद उन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया जायेगा.