1st Bihar Published by: Updated Jul 22, 2020, 10:43:02 PM
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PATNA : कोरोना महामारी और आसमान से गिरती बिजली के बाद अब बाढ़ बिहार में लोगों के लिए काल का तीसरा नाम बन चुका है। बिहार के कई जिलों में बाढ़ ने कहर बरसाना शुरू कर दिया है। उत्तर बिहार में बाढ़ की वजह से आज कुल 8 लोगों की मौत हो गई।
बाढ़ में डूबने की वजह से पश्चिम चंपारण में चार लोगों की मौत हो गई है। दो का शव निकाला गया है जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। वहीं मुजफ्फरपुर के गायघाट में चार लोगों की डूबने से मौत की खबर है। यहां दो बच्चियों की भी मौत हुई है। बाढ़ की वजह से सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण जिले में आज हालात और खराब हुए हैं। तटबंध वाले इलाके और निचले इलाके में में रहने वाले लोगों ने नेशनल हाईवे पर आशियाना बना लिया है।
नेपाल के कैचमेंट एरिया में हुई लगातार बारिश के बाद वहां से आने वाली नदियों में लगातार पानी का दबाव बढ़ा है। मोतिहारी के बजरिया में तिलावे नदी का बांध और सुगौली में रिंग बांध टूटने से बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है। मुजफ्फरपुर जिले में सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। बागमती और लखनदेई नदी के साथ-साथ मनुषमारा का पानी औराई, कटरा और गायघाट इलाके में तबाही मचा रहा है। चंपारण जिले में बाढ़ की वजह से अलग-अलग घटनाओं में कुल 4 लोगों की मौत हुई है। इनमें सिकटा के अंदर 45 साल के गणेश पटेल, नरकटियागंज में 13 साल के राज, मझौलिया के बरवास स्थित सेमरा घाट में 7 साल के बच्चे मनीष और बाल्मीकि नगर इलाके के बसंतपुर गांव में 45 साल के हर को नाम के शख्स की मौत बाढ़ में डूबने से हो गई। इसके अलावा मुजफ्फरपुर के गायघाट मेठी में 32 साल के प्रमोद राय, लोमा में 9 साल के अजीत के अलावे 11 साल की जमुना और 9 साल की करिश्मा की मौत भी डूबने की वजह से हो गई।