1st Bihar Published by: Updated Apr 30, 2020, 10:56:12 PM
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PATNA : नीतीश सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि सरकार दूसरे राज्यों में फंसे बिहारियों को वापस लाने का इंतजाम नहीं करने जा रही है. हां, अगर वे खुद बिहार की सीमा तक पहुंच गये तो वहां से उनके प्रखंड तक भेजने का इंतजाम राज्य सरकार करेगी. बिहार के परिवहन सचिव ने आज ऐसा ही पत्र जारी किया है.
बिहार के परिवहन सचिव का आदेश
बिहार के परिवहन सचिव ने सभी डीएम और एसपी को पत्र लिखा है. उसके मुताबिक केंद्र सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे लोगों के आवागमन की मंजूरी दे दी है. ऐसे में बडी संख्या में बिहार के लोग वापस लौट सकते हैं. सरकार उन्हें बिहार की सीमा से अपने घर के पास अवस्थित क्वारंटीन सेंटर तक पहुंचाने का इंतजाम करेगी.
परिवहन सचिव ने कहा है कि बिहार वापस लौटने वाले लोगों का बार्डर पर ही मेडिकल जांच की जायेगी. वहां से बिहार सरकार की बसें उन्हें अपने जिले में ले जायेगी. वहां का जिला प्रशासन बाहर से आये बिहारी को उनके गृह प्रखंड के क्वारंटीन सेंटर पर भेजने का इंतजाम करेगा.
सरकार ने आदेश जारी किया है कि बाहर से आने वाले हर आदमी के हाथ पर क्वारंटीन का मुहर लगेगा. फिर उसे राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराये गये बस पर बिठाया जायेगा. बस के साथ पुलिस की एस्कार्ट गाड़ी चलेगी ताकि बाहर से आने वाले बिहारी बीच में ही उतर कर कहीं और न चले जायें.
बिहार के बार्डर पर बसों को रवाना करने के लिए विशेष पदाधिकारी तैनात होंगे. वे बस के साथ कागजात भी भेजेंगे जिसमें सारा ब्योरा होगा. बस में कितने आदमी सवार है.उनकी मेडिकल जांच में क्या निकला है. बस जिस जिले में पहुंचेगी वहां उसे रिसीव करने के लिए भी पदाधिकारी तैनात रहेंगे. वे उस कागजातों की छानबीन कर रिसीविंग देंगे.
राज्य सरकार ने बाहर से आने वाले बिहारियों को बिहार में आवागमन का समय भी फिक्स कर दिया है. वे सुबह 6 बजे से लेकर रात के 8 बजे तक ही बिहार की सीमा में प्रवेश कर सकेंगे. अगर इस समय से पहले या बाद में कोई पहुंचता है तो उसे सीमा पर ही रोक लिया जायेगा.

