बड़ी कार्रवाई: बैंक मैनेजर बनकर किया था पैसे गायब, पांच साल बाद साइबर ठग को पुलिस ने इस तरह दबोचा

बड़ी कार्रवाई: बैंक मैनेजर बनकर किया था पैसे गायब, पांच साल बाद साइबर ठग को पुलिस ने इस तरह दबोचा

PALAMU: ऐसा नहीं है कि पुलिस साइबर ठगों के कोडवर्ड से अनजान है. उनके नेटवर्क को तोड़ना पुलिस के लिए चुनौती है. ऐसे में पुलिस ने एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है. यह साइबर ठग बैंक मैनेजर बन कर लोगों के खाते से पैसों को गायब करता था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.


बता दे कि साइबर अपराधी को झारखंड के पलामू पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. साइबर अपराधी राज्य के देवघर के न्यू कॉलोनी के इलाके में रहता है. वह कंप्यूटर रिपेयर की दुकान चलाता था. गिरफ्तार ठग से पुलिस ने कई बड़ी जानकारियां निकली है. अब पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है. इस मामले में इंस्पेक्टर ने बताया कि साइबर अपराधी सुबेश कुमार को देवघर से गिरफ्तार किया गया है. अब उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है.


मालूम हो कि 2018 में पुलिस हवलदार कृष्ण मुरारी पांडेय के बैंक खाता से 93 हजार रुपये गायब हुए थे. उन्होंने पुलिस को बताया था कि एक नंबर से कॉल आया और कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को पाटन का बैंक मैनेजर बताया था. ATM के बारे में जानकारी ली और कहा कि ATM  बंद हो गया है. जिसके बाद कृष्ण मुरारी पांडेय ने कॉल करने वाले को ATM बैंक खातों का डिटेल दे दिया था. डिटेल देने के बाद उनके बैंक खाते से लगभग 93 हजार रुपये गायब हो गए थे.


 इस पूरे मामले में पुलिस ने अनुसंधान करते हुए सुबेश कुमार तक पंहुची थी. वही इसके बाद सुबेश काफी दिनों तक फरार था. पलामू पुलिस को सूचना मिली थी कि सुबेश देवघर में आया है. एक कंप्यूटर रिपेयर की दुकान चला रहा है. इस सूचना के बाद पलामू के साइबर थाना के पुलिस ने देवघर में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया. गिरफ्तार करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.


पुलिस उससे पूछताछ करने के बादे गिरोह से जुड़े हुए कई अन्य लोग के खिलाफ छापेमारी कर रही है. उसने पुलिस को बताया है कि किस प्रकार साइबर अपराध लोगों को ठग रहे हैं.