1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 17, 2024, 10:01:18 AM
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PATNA : बिहार में शराबबंदी कानून लागू है। राज्य के अंदर कहीं भी शराब पीना या इससे जुड़ा किसी भी तरह का कोई भी कारोबार करना गैरकानूनी माना गया है। इसको लेकर कठोर सजा का भी प्रावधान किया गया है। इसके बाबजूद जिसे इस कानून के देखभाल की जिम्मेदारी दी थी वही इसमें सेंधमारी करने लगा। जिसके बाद यह मामला पुलिस महकमे के आला अधिकारियों के पास पहुंचा और फिर काफी जांच - पड़ताल के बाद एक्शन लिया गया है।
दरअसल, बिहार शराब मामले में डीजीपी आरएस भट्टी ने बड़ी कार्रवाई की है। शराब मामले में दोषी पाए जाने के बाद मोतीपुर थाने के पूर्व थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर कुमार अमिताभ को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। जनवरी 2019 में गुप्त सूचना के आधार पर मद्यनिषेध इकाई ने अमिताभ के आवास पर छापेमारी की थी जहां शराब पाई गई थी।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, 13 जनवरी, 2019 को गुप्त सूचना के आधार पर अपराध अनुसंधान विभाग की मद्यनिषेध इकाई ने मोतीपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष कुमार अमिताभ के आवासीय परिसर में छापेमारी की थी। इसमें आंगन के बरामदे में भारी मात्रा में शराब रखी पाई गई।थाने के पुलिसकर्मियों ने बरामद शराब को विभिन्न कांडों का सैंपल बताया, लेकिन मिलान करने पर 266 बोतल यानी 96.20 लीटर शराब का अंतर पाया गया।
बताया जा रहा है कि, अमिताभ के कमरे की तलाशी के दौरान 96 हजार 700 रुपये भी बरामद किए गए। इसके बाद शराब तस्करों से मिली भगत, थाना डायरी लंबित रखने, कमरे से 96 हजार नकद पाए जाने, पचरुखी के मुखिया जगन्नाथ राय से संपर्क रखने और उनके गलत कामों में सहयोग करने आदि आरोप में इंस्पेक्टर कुमार अमितााभ पर विभागीय जांच शुरू हुई।
उधर, शिवहर एसपी की जांच रिपोर्ट के बाद मुजफ्फरपुर के आईजी ने भी समीक्षा में थानाध्यक्ष को दोषी पाया। इसके बाद डीजीपी ने सोमवार को मोतीपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष कुमार अमिताभ को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।