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लगातार 20 घंटे से रेलवे ट्रैक जाम, राजधानी ट्रेन के यात्रियों को भेजा गया बस से

RANCHI: कई मांगों को लेकर 200 से अधिक की संख्या में टाना भगत लातेहार के चंदवा में रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है. जिसके कारण ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से ठप हो चुका है. कई ट्रेनें

लगातार 20 घंटे से रेलवे ट्रैक जाम, राजधानी ट्रेन के यात्रियों को भेजा गया बस से
Manish Kumar
2 मिनट

RANCHI: कई मांगों को लेकर 200 से अधिक की संख्या में टाना भगत लातेहार के चंदवा में रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है. जिसके कारण ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से ठप हो चुका है. कई ट्रेनें और मालगाड़ी अलग-अलग स्टेशन पर रुकी हुई है.

बस से भेजा गया यात्रियों को 

रेलवे ट्रैक जाम होने के कारण नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस रांची नहीं पा पायी. जिसके बाद प्रशासन ने बस से डालटनगंज स्टेशन से यात्रियों को रांची बस भेजा. टाना भगत बुधवार शाम करीब पांच बजे से ही रेलवे ट्रैक पर बैठे हैं. टाना भगत झारखंड में कोल परियोजना को बंद करने की मांग कर रहे हैं. टाना भगतों का कहना है कि झारखंड का खजाना बाहर भेजा रहा है. यहां के लोग कंगाल हो रहे है और बाहरी लोग मालामाल हो रहे हैं. टाना भगत भूमि पट्टा और टाना पेंशन की मांग कर रहे हैं. आरपीएफ और जीआरपी के जवान अधिकारी समझाने की कोशिश कर रहे है. वह हटने को तैयार नहीं है. 

गांधी का सिद्धांतों पर चलते हैं टाना भगत

टाना भगत आज भी गांधी जी के सिद्धांतों पर जीते हैं. खादी के सफेद कपड़े पहनते हैं. मांस-मदिरा की बात छोड़िए यह लहसुन-प्याज तक नहीं खाते हैं. इनके बारे में बताया जाता है कि जो अन्न, सब्जी उपजाते हैं उसको ही खाते हैं. टाना भगत के जतरा टाना भगत 1888 में जन्मे थे. 1920 में टाना भगत समुदाय पहली बार महात्मा गांधी के संपर्क में आया तो उनका अनुयायी बन गया. टाना भगत को धरोहर भी माना जाता है.