ब्रेकिंग
‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी’, PMCH प्राचार्य पर एक्शन के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का पहला रिएक्शनबिहार में NH का महाजाल: 15 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का खाका तैयार, राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा DPRCM सम्राट चौधरी के कार्यक्रम में हवाई चप्पल पहनकर ड्यूटी करता दिखा पुलिसकर्मी, VIDEO वायरलहत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा, शादी से पहले युवक ने ले ली थी मंगेतर की जानCM सम्राट चौधरी ने मिलर हाई स्कूल को लिया गोद, बनेंगे AI लैब और स्मार्ट क्लास, छात्रों में खुशी का माहौल ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी’, PMCH प्राचार्य पर एक्शन के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का पहला रिएक्शनबिहार में NH का महाजाल: 15 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का खाका तैयार, राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा DPRCM सम्राट चौधरी के कार्यक्रम में हवाई चप्पल पहनकर ड्यूटी करता दिखा पुलिसकर्मी, VIDEO वायरलहत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा, शादी से पहले युवक ने ले ली थी मंगेतर की जानCM सम्राट चौधरी ने मिलर हाई स्कूल को लिया गोद, बनेंगे AI लैब और स्मार्ट क्लास, छात्रों में खुशी का माहौल

ज्ञानपीठ पुरस्कार 2023 का एलान, गीतकार गुलजार और जगद्गुरु रामभद्राचार्य को सम्मान

DELHI: उर्दू के मशहूर कवि और गीतकार गुलजार और संस्कृत के विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य को 58वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। ज्ञानपीठ चयन समिति ने शनिवार को इसका ऐलान

ज्ञानपीठ पुरस्कार 2023 का एलान, गीतकार गुलजार और जगद्गुरु रामभद्राचार्य को सम्मान
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DELHI: उर्दू के मशहूर कवि और गीतकार गुलजार और संस्कृत के विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य को 58वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। ज्ञानपीठ चयन समिति ने शनिवार को इसका ऐलान किया है। गुलजार और जगद्गुरु रामभद्राचार्य का चयन इस इस अवार्ड के लिए किया गया है।


दरअसल, ज्ञानपीठ पुरस्कार भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। भारत का कोई भी नागरिक जो आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में लिखता हो, तो वह इस पुरस्कार के योग्य है। पुरस्कार में ग्यारह लाख रुपये की धनराशि, प्रशस्तिपत्र और वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा दी जाती है।


ज्ञानपीठ पुरस्कार 2023 के लिए जिन दोनों हस्तियों को चुना गया है वे अपने-अपने क्षेत्र में काफी मशहूर हैं। एक तरफ जहां गुलजार ने गीत लेखन के अलावा गजल और कविता के क्षेत्र में महारथ हासिल की है। वहीं, जन्म से नहीं देख पाने के बावजूद जगद्गुरु रामभद्राचार्य संस्कृत और वेद और पुराणों की विद्वान हैं। चित्रकूट में तुलसी पीठ के संस्थापक और प्रमुख रामभद्राचार्य एक मशहूर हिंदू आध्यात्मिक नेता, शिक्षक और 100 से अधिक पुस्तकों के लेखक हैं।