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WHO ने फिर से दी चेतावनी,अभी बद से और बदतर होगा कोरोना वायरस से हालात

DESK : कोरोना वायरस से फैली बीमारी COVID-19 को रोक पाने में नाकाम विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को दुनिया की विभिन्न सरकारों की आलोचना की है. सोमवार को पत्रकारों को संबोधित

FirstBihar
Anamika
3 मिनट

DESK : कोरोना वायरस से फैली बीमारी COVID-19 को रोक पाने में नाकाम विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को दुनिया की विभिन्न सरकारों की आलोचना की है. सोमवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए WHO के प्रमुख टेड्रोस एडहैनम घेब्रियेसुस ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी को लेकर कई सारे देश गलत दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. वहीं कुछ देश संक्रमण रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं. हालांकि, WHO ने सरकारों की आलोचना के दौरान किसी खास राजनेता या देश का नाम नहीं लिया है.

WHO के प्रमुख ने कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को रोकने में नाकाम रहने का मतलब ये होगा कि हम निकट भविष्य में सामान्य जिंदगी में नहीं लौट पाएंगे. टेड्रोस ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी को लेकर कई सारे देश गलत दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. साथ ही कुछ देश संक्रमण रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं जिस वजह से संक्रमण दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहा है. कई देश कोरोना महामारी को लेकर अलग-अलग मैसेज दे रही हैं जिस वजह से लोगों का भरोसा कम होते जा रहा है. कोरोना के खिलाफ कार्रवाई के लिए नेताओं की ओर से अलग-अलग संदेश देने की वजह से ये भरोसा घट रहा है.

हालांकि, WHO प्रमुख ने इस बात को माना है कि किसी भी सरकार के लिए कोरोना महामारी को रोकना बहुत मुश्किल है. उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि पाबंदियां लगाने से आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक नुक्सान हो रहा है. WHO ने कहा कि सरकारों को लोगों के स्वास्थ्य के लिए साफ संदेश देना चाहिए और आम लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और हाथ साफ करने और लक्षण होने पर घर में रहने जैसी चीजें करनी चाहिए. अगर इन बुनियादी चीजों का पालन नहीं किया गया तो ये महामारी थमेगी नहीं बल्कि और बढ़ती ही जाएगी.

दरअसल, WHO की तरफ से जारी इस बयान के ठीक 24 घंटे पहले दुनिया में रिकॉर्ड 2.3 लाख कोरोना के नए मामले सामने आए थे. इन मामलों में से 80 फीसदी केस सिर्फ 10 देशों में हैं. यदि फैसले लेने में देश इस तरह की गलतियां करते रहे तो बड़े पैमाने पर कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा हो सकता है.