PATNA: बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार को उनकी सेवानिवृत्ति से करीब तीन महीने पहले पद से हटा दिया गया है। राज्य सरकार ने उन्हें बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त करने का फैसला लिया है। यह निर्णय ऐसे समय में हुआ है, जब विनय कुमार पहले से ही लंबी छुट्टी पर चल रहे थे। उनकी छुट्टी के दौरान ही मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर नियुक्ति को लेकर सरकार ने फैसला किया।
मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति के लिए शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में चयन समिति की बैठक हुई। बैठक में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी शामिल हुए। बैठक में विनय कुमार को राज्य का मुख्य सूचना आयुक्त बनाने पर सहमति बनी। इसके साथ ही राज्य सूचना आयोग में एक अन्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति पर भी निर्णय लिया गया।
अंजनी कुमार सिंह भी बनेंगे सूचना आयुक्त
बैठक में राज्य सरकार के विधि विभाग के पूर्व सचिव अंजनी कुमार सिंह को सूचना आयुक्त नियुक्त करने का फैसला लिया गया। राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और एक सूचना आयुक्त का पद लंबे समय से खाली था। इन पदों पर नियुक्ति के फैसले के बाद आयोग में लंबित रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, नियुक्तियों से संबंधित औपचारिक अधिसूचना और पदभार ग्रहण की तारीख की जानकारी उपलब्ध होने पर ही नियुक्ति की प्रक्रिया के अगला चरण तय होगा।
रिटायरमेंट से पहले बदली जिम्मेदारी
विनय कुमार 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनका कार्यकाल पहले से बढ़ाया गया था और वह 12 दिसंबर 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले थे। इस लिहाज से उनकी सेवानिवृत्ति में करीब तीन महीने शेष थे।
इससे पहले 15 सितंबर को विनय कुमार के लंबी छुट्टी पर जाने की खबर सामने आई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गृह विभाग ने उन्हें 15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक छुट्टी की मंजूरी दी थी। उस दौरान डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को सौंपे जाने की सूचना दी गई थी।
अब मुख्य सूचना आयुक्त बनाए जाने के फैसले के बाद राज्य पुलिस के शीर्ष पद पर नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता साफ होता दिख रहा है। हालांकि, नए डीजीपी की नियुक्ति की प्रक्रिया और विनय कुमार के स्थान पर स्थायी तौर पर किस अधिकारी को जिम्मेदारी मिलेगी, इस बारे में अलग से आधिकारिक जानकारी दी जायेगी।
चयन समिति की बैठक में तीनों प्रमुख सदस्य शामिल
मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त की नियुक्ति के लिए हुई बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव और उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी शामिल हुए। बैठक में विनय कुमार और अंजनी कुमार सिंह के नामों पर सहमति बनने की जानकारी दी गई है।
राज्य सूचना आयोग में इन पदों के खाली रहने के कारण नियुक्तियों का फैसला आयोग के कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आयोग के दायित्वों के निर्वहन में भूमिका निभाते हैं। आयोग में रिक्त पदों को भरने से मामलों की सुनवाई और प्रशासनिक कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
डीजीपी से मुख्य सूचना आयुक्त तक का सफर
विनय कुमार का डीजीपी पद से मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर जाना उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारी में बदलाव है। पुलिस महानिदेशक के तौर पर वह राज्य पुलिस बल के शीर्ष अधिकारी थे। मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में उनकी भूमिका सूचना का अधिकार कानून के तहत राज्य सूचना आयोग से जुड़े कामकाज की होगी।





