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Vande Bharat Sleeper Train: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की लॉन्चिंग टली, इन खामियों की वजह से रेलवे ने लिया बड़ा फैसला

Vande Bharat Sleeper Train: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के लिए यात्रियों को करना होगा और इंतजार, कई खामियां पाए जाने के बाद रेलवे बोर्ड ने RDSO को सुधार के आदेश दिए, सेफ्टी सबसे पहले..

Vande Bharat Sleeper Train
प्रतीकात्मक
© Google
Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Vande Bharat Sleeper Train: देश की सबसे हाईटेक स्लीपर ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को अब थोड़ा और सब्र करना पड़ेगा। अक्टूबर में पटरी पर दौड़ने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की लॉन्च डेट अब आगे बढ़ा दी गई है। जांच के दौरान रेलवे बोर्ड ने ट्रेन की फिनिशिंग, डिजाइन और सेफ्टी में कई गंभीर कमियां पकड़ी हैं। जिसके बाद बोर्ड ने RDSO और सभी जोनल जीएम को पत्र लिखकर कहा है कि मौजूदा रैक में तुरंत सुधार करें और आने वाली ट्रेनों के डिजाइन में बदलाव करें। हालांकि 16 कोच वाली इस ट्रेन को चलाने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन सभी खामियां दूर होने तक अब यह पटरी पर नहीं उतरेगी।


बोर्ड के पत्र में साफ लिखा है कि बर्थ एरिया में तेज किनारे हैं, खिड़की के पर्दों के हैंडल ठीक नहीं बने और बर्थ कनेक्टर के बीच “पिजन पॉकेट्स” जैसी जगहें भी हैं जिस वजह से सफाई मुश्किल हो जाएगी। ये कमियां यात्रियों की सुरक्षा और रखरखाव दोनों के लिए ही खतरा हैं। बोर्ड ने कहा है कि इन्हें फौरन ठीक करें और भविष्य में ऐसी गलतियां दोबारा न हो।


केवल यही नहीं बल्कि सेफ्टी पर भी सख्ती दिखाई गई है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि आपातकाल में 15 मिनट में कोच अलग करने की ट्रेनिंग लोको पायलट और गार्ड को दी जाए। इसके लिए टूलकिट में जरूरी औजार रखें। ट्रेन में कवच 4.0 सिस्टम, फायर सेफ्टी और विश्वसनीय कम्युनिकेशन अनिवार्य होगा। हर जोन में ट्रेन की देखभाल के लिए ट्रेंड स्टाफ और स्पेयर पार्ट्स की पूरी व्यवस्था हो। दरवाजे बार-बार खुलने पर भी कोच का तापमान स्थिर रहे, ताकि यात्रियों को आराम मिलता रहे।


ट्रेनों के ट्रायल के दौरान चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी ने भी यही कमियां पकड़ी थीं। RDSO ने 1 सितंबर को अपडेटेड रिपोर्ट सौंपी थी। जिसके बाद बोर्ड का पत्र 28 अक्टूबर को सभी जोनों को भेजा गया। रूट अभी तक फाइनल नहीं हुआ है और सभी जोनों को इस बारे में अलर्ट कर दिया गया है।


वंदे भारत स्लीपर की विशेषताओं की बात करें तो  यह ट्रेन 160 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेगी और अधिकतम 180 किमी/घंटे तक जा सकेगी। Kinet कंपनी ने इसे डिजाइन किया है। इसमें लग्जरी स्लीपर कैबिन, प्रीमियम लाइटिंग, चार्जिंग पॉइंट्स और बेहतर स्पेस है। लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाने के मामले में यह राजधानी और दुरंतो को टक्कर देगी। लेकिन सेफ्टी और फिनिशिंग पूरी तरह परफेक्ट होने तक यात्रियों को इंतजार करना पड़ेगा। रेलवे ने साफ कहा है कि CCRS से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही ट्रेन चलेगी। फिलहाल कोई नई लॉन्च डेट नहीं बताई गई है।