1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 03, 2026, 3:49:31 PM
- फ़ोटो Google
Bihar Politics: विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने आज कहा कि बिहार आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि सिर्फ वेतन-पेंशन से वित्तीय स्थिति के ठीक होने की गवाही नहीं मिलती।
उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत अस्पतालों के भुगतान अटका पड़ा है, जिससे अस्पतालों की स्थिति ठीक नहीं है। स्थिति ऐसी है कि आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय लंबित है। आम तौर पर जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली महिलाओं का मानदेय नहीं मिलने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा प्रभाव पड़ा है।
सहनी ने कहा कि छात्रों के क्रेडिट कार्ड का भी भुगतान सही समय पर नहीं होने के कारण बाहर पढ़ रहे छात्रों को परेशानी हो रही है। संस्थाओं में बिहार के छात्रों को जलील होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास पैसे ही नहीं हैं। नीतीश सरकार का राजकोष काफी कम हो चुका है। बिहार सरकार का खजाना पूरी तरह से खाली हो गया है। जनता का सारा पैसा सरकार ने लुटा दिया। सरकार केवल झांसा और जुमलेबाजी देकर खुद को चलाने की कोशिश कर रही है। बिहार की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब हो गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि जनता का पैसा कहां गया? उन्होंने इसका सबसे बड़ा कारण भ्रष्टाचार को भी बताया। वीआईपी के संस्थापक मुकेश सहनी ने कहा कि आज सभी विकास योजनाओं में कमीशन का खेल जारी है। CAG रिपोर्ट पेश होने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार भ्रष्टाचार का गढ़ बन गया है। बिहार सरकार के हर विभाग और योजना में भ्रष्टाचार है।