डायग्नोस्टिक सेंटर की बड़ी लापरवाही आई सामने, भाजपा नेता को दे दिया 'प्रेग्नेंट' होने की रिपोर्ट

सतना के एक प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर ने पुरुष मरीज की सोनोग्राफी रिपोर्ट में गर्भाशय होने की पुष्टि कर दी। मरीज ने कहा, अगर इस रिपोर्ट के आधार पर ऑपरेशन हो जाता तो जिम्मेदार कौन होता? स्वास्थ्य विभाग ने जांच के निर्देश दिए।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 21, 2026, 4:59:08 PM

मध्यप्रदेश

जिम्मेदार कौन? - फ़ोटो social media

DESK: DESK: डॉक्टर को लोग धरती का भगवान मानते हैं, क्योंकि जब बीमार पड़ते हैं तो वही जान बचाते हैं, लेकिन इस पेशे से जुड़े कुछ लोग ऐसे लापरवाह हैं कि कोई ऑपरेशन के वक्त पेट में तौलिया, कैची तक छोड़ देते हैं। वही ताजा मामला डायग्नोस्टिक सेंटर की बड़ी लापरवाही से जुड़ा सामने आया है। जिसने एक 47 साल के  MALE भाजपा नेता की जांच रिपोर्ट ऐसा बनाया कि हर कोई हैरान रह गये। 


दरअसल सोनोग्राफी रिपोर्ट में बीजेपी के पुरुष नेता को 'प्रेग्नेंट' होने की रिपोर्ट जारी कर दी गयी। रिपोर्ट में उनके शरीर में गर्भाशय होने का दावा किया गया है। वो भी उल्टा गर्भाशय बताया गया है। यह आजीबोगरीब जांच रिपोर्ट मध्य प्रदेश के सतना जिले में सामने आई है। जो लैब की बड़ी लापरवाही है। यदि इस रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर ऑपरेशन कर देते तो मरीज का क्या हाल होता, तब इसके लिए कौन जिम्मेदार होता?


बताया जाता है कि सतना के स्टेशन रोड स्थित सतना डायग्नोस्टिक सेंटर ने 47 वर्षीय पुरुष मरीज की सोनोग्राफी रिपोर्ट में गर्भाशय (यूट्रस) होने की पुष्टि कर दी। हैरानी की बात यह है कि यह मामला एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के साथ हुआ। उचेहरा नगर पंचायत के अध्यक्ष निरंजन प्रजापति ने पेट में तकलीफ के चलते 13 जनवरी को सतना डायग्नोस्टिक सेंटर में सोनोग्राफी कराई। जब रिपोर्ट सामने आई, तो उसमें उनके शरीर में गर्भाशय होने के साथ-साथ उसे 'उल्टा' (Anteverted) बताया गया।


बीजेपी नेता निरंजन प्रजापति ने बताया कि मेरे पेट में दर्द और सूजन थी। मैंने सतना में सोनोग्राफी करवाई। रिपोर्ट में गर्भाशय दिखा। अगर किसी डॉक्टर ने इस रिपोर्ट के आधार पर ऑपरेशन कर दिया होता, तो जिम्मेदार कौन होता?"सतना डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक डॉ. अरविंद सराफ ने मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। लेकिन मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सतना के CMHO ने कहा कि यह मामला गंभीर है और मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने जांच के निर्देश दिए हैं और सेंटर की लापरवाही साबित होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।