1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 10, 2026, 10:51:00 PM
नेताओं में खुशी का माहौल - फ़ोटो सोशल मीडिया
DESK: 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले ही 7 राज्यों के 26 उम्मीदवार बिना किसी मुकाबले के निर्विरोध चुन लिए गए हैं। इनमें एनसीपी प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी,रामदास अठावले, BJP की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलो देवी नेताम सहित कई नेताओं का नाम शामिल हैं।
कई राज्यों में विपक्षी दलों ने उम्मीदवार खड़े नहीं किए, जिसके कारण इन नेताओं का निर्वाचन बिना मतदान के ही हो गया। हालांकि बिहार, ओडिशा और हरियाणा की 11 सीटों पर मुकाबला होगा। इन राज्यों में निर्धारित सीटों से अधिक उम्मीदवार मैदान में होने के कारण मतदान कराया जाएगा।
इन राज्यों में निर्विरोध चुने गए उम्मीदवार के नाम इस प्रकार है।
महाराष्ट्र
शरद पवार (एनसीपी)
रामदास अठावले (आरपीआई-आठवले)
विनोद तावड़े (बीजेपी)
रामराव वडुकुटे (बीजेपी)
माया इवनाते (बीजेपी)
ज्योति वाघमारे (शिवसेना-शिंदे)
पार्थ पवार (एनसीपी)
तमिलनाडु
तिरुची शिवा (डीएमके)
जे कॉन्स्टेंटाइन रविंद्रन (डीएमके)
एम थंबीदुरई (एआईएडीएमके)
अंबुमणि रामदास (पीएमके)
एम क्रिस्टोफर तिलक (कांग्रेस)
एल के सुदीश (डीएमडीके)
पश्चिम बंगाल
राहुल सिन्हा (बीजेपी)
बाबुल सुप्रियो (टीएमसी)
पूर्व डीजीपी राजीव कुमार (टीएमसी)
सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी (टीएमसी)
कोएल मलिक (टीएमसी)
असम
जोगेन मोहन (बीजेपी)
तेरोस गोवाला (बीजेपी)
प्रमोद बोरो (यूपीपीएल)
तेलंगाना
अभिषेक मनु सिंघवी (कांग्रेस)
वेम नरेंद्र रेड्डी (कांग्रेस)
छत्तीसगढ़
लक्ष्मी वर्मा (बीजेपी)
फूलो देवी नेताम (कांग्रेस)
हिमाचल प्रदेश
अनुराग शर्मा (कांग्रेस)
छत्तीसगढ़ से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की नेता फूलो देवी नेताम सोमवार को राज्यसभा के लिए बिना किसी विरोध के चुनी गईं। विधानसभा अधिकारियों के अनुसार नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि दोपहर में समाप्त हुई और दोनों उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए। निर्वाचन अधिकारी मनीष शर्मा ने बाद में उन्हें चुनाव प्रमाण पत्र सौंपा।
लक्ष्मी वर्मा का परिचय
लक्ष्मी वर्मा (59) कुर्मी समाज से संबंधित हैं और भाजपा की जमीनी नेता मानी जाती हैं। उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता 1990 में ली और 1994 में रायपुर नगर निगम में पार्षद बनीं। 2010-2015 तक रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष भी रहीं। राज्य महिला आयोग से इस्तीफा देने के बाद उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया। वर्मा भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रवक्ता रह चुकी हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि वे संसद में छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों को प्रभावी रूप से उठाएंगी।
फूलो देवी नेताम का परिचय
बस्तर के कोंडागांव जिले की आदिवासी नेता फूलो देवी नेताम (54) लगातार दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुनी गईं। उन्होंने 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए पहली बार विधायक का कार्य किया। 2000 में छत्तीसगढ़ बनने के बाद वे राज्य की पहली विधानसभा की सदस्य बनीं। 2016 से नेताम छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष भी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने नेताम को बधाई दी। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, जिसमें भाजपा के 54, कांग्रेस के 35 और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का एक सदस्य है। सदन में दोनों प्रमुख पार्टियों को अपनी संख्या के आधार पर एक-एक राज्यसभा सीट मिलने की उम्मीद थी।