नई दिल्ली: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित धर्मसंघ महाविद्यालय में विशेष पूजन और आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्त शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्मलीन स्वामी करपात्री जी महाराज, ब्रह्मलीन स्वामी निरंजन देव तीर्थ जी महाराज और ब्रह्मलीन स्वामी कृष्णबोधाश्रम जी महाराज के चित्रों पर संत परमानंद तीर्थ और स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने विधिवत पूजन-अर्चन किया। श्रद्धालुओं ने भी संतों का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
सनातन धर्म विश्व कल्याण का आधार
अपने संबोधन में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि सनातन धर्म केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के कल्याण का आधार है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं ने विश्व को मानवता, शांति और धर्म का मार्ग दिखाया है।
युवाओं को राष्ट्र निर्माण में निभानी होगी भूमिका
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवा शक्ति पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षित, संस्कारित और जागरूक युवा ही भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश की ताकत और वैश्विक प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है तथा भारत विश्व पटल पर अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है।
मथुरा में भव्य मंदिर निर्माण की बात कही
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने अपने संबोधन में कहा कि अब समय आ गया है कि मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित भव्य मंदिर का निर्माण हो। उन्होंने इसे आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। कार्यक्रम के अंत में देश भर से आए श्रद्धालुओं ने स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी का पूजन किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।




