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अब बिल्ली पालने के लिए जरूरी होगा लाइसेंस, बिना रजिस्ट्रेशन लगेगा जुर्माना

बिल्लियों को पालने के लिए इस शहर में लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है। हर साल 500 रुपये में लाइसेंस लेना होगा, यदि बिना लाइसेंस के बिल्ली पाल रहे हैं तो 1000 रुपये जुर्माना देने के लिए तैयार रहें।

UP
बिल्ली पालने का लाइसेंस अनिवार्य
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

DESK: बिल्ली पालने का शौक रखने वालों के लिए यह खबर बिहार के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से आ रही है। यहां यूपी की राजधानी लखनऊ में नगर निगम ने पालतू बिल्लियों के पालने पर बड़ा फैसला लिया है। लखनऊ नगर निगम ने बिल्ली पालने के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है। जिन लोगों के घरों में पहले से बिल्लियां हैं, उन्हें भी हर साल रजिस्ट्रेशन कराना होगा। बिना लाइसेंस बिल्ली पालने पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।


लखनऊ नगर निगम ने आदेश जारी कर 27 सितंबर, शनिवार से लाइसेंस प्रक्रिया शुरू कर दी है। लाइसेंस की अवधि एक साल की होगी और इसका शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है। नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी, डॉक्टर अभिनव वर्मा ने बताया कि सभी पालतू बिल्लियों के लिए यह नियम अनिवार्य है।


विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया में हर नौ मिनट में कहीं न कहीं कोई व्यक्ति रेबीज से मर जाता है। यह बीमारी जंगली जानवरों, कुत्तों और बिल्लियों के काटने या खरोंचने से फैलती है। यदि एंटी-रेबीज टीके और सीरम का पूरा डोज समय पर लिया जाए, तो इससे बचाव संभव है।


रेबीज के 99% मामले कुत्तों और बिल्लियों के काटने या खरोंचने से होते हैं। यह विषाणु इंसान के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को संक्रमित कर उसे नियंत्रित कर लेता है, जिससे पीड़ित कुत्ते या बिल्ली की तरह व्यवहार करने लगता है और यह बीमारी 100% घातक साबित हो सकती है। इस नियम का उद्धेश्य न केवल पालतू बिल्लियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, बल्कि रेबीज जैसी घातक बीमारियों से लोगों को भी सुरक्षित रखना है।

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