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नेपाल जाने से पहले जान लें ये नया नियम, नहीं तो बॉर्डर से लौटना पड़ सकता है वापस

भारत-नेपाल सीमा पर अब यात्रा करना पहले से ज्यादा सख्त हो गया है। नेपाल सरकार ने नई व्यवस्था लागू करते हुए बिना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और वैध पहचान पत्र के प्रवेश पर रोक लगा दी है। इस बदलाव का असर सीमावर्ती इलाकों के यात्रियों और व्यापारियों पर सबसे...

नेपाल जाने से पहले जान लें ये नया नियम, नहीं तो बॉर्डर से लौटना पड़ सकता है वापस
Ramakant kumar
4 मिनट

नेपाल जाने वाले भारतीय वाहन चालकों और यात्रियों के लिए अब नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। नेपाल सीमा शुल्क विभाग (Nepal Custom Duty Department) ने सीमा पार आवाजाही को लेकर नियमों को और सख्त कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब नेपाल में प्रवेश करने से पहले वाहन चालकों को ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी और वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।


जानकारी के अनुसार, नेपाल सीमा शुल्क विभाग ने भारतीय वाहनों के लिए अस्थायी वाहन घोषणा प्रणाली लागू की है। अब नेपाल जाने वाले लोगों को सबसे पहले सीमा पर उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। इसके बाद वाहन से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज और बीमा शुल्क की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। बिना इस प्रक्रिया के किसी भी वाहन को नेपाल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।


नई व्यवस्था का सबसे ज्यादा असर बिहार के सीमावर्ती इलाकों में देखने को मिलेगा, जहां रोजाना हजारों लोग नेपाल आते-जाते हैं। खासकर सीतामढ़ी जिले के भिट्ठामोड़ बॉर्डर से नेपाल जाने वाले व्यापारियों, पर्यटकों और आम यात्रियों को अब अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। सीमा क्षेत्र के लोगों से अपील की गई है कि नेपाल जाने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज और पहचान पत्र साथ रखें, ताकि जांच के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।


व्यापारियों का कहना है कि नेपाल सरकार के इस नए नियम से सीमावर्ती व्यापार पर असर पड़ना शुरू हो गया है। स्थानीय व्यवसायी मनीष मलहोत्रा ने कहा कि पहले की तुलना में अब प्रक्रिया काफी जटिल हो गई है, जिससे छोटे व्यापारियों और रोजाना सीमा पार करने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई लोग जरूरी दस्तावेज नहीं होने के कारण सीमा से वापस लौट रहे हैं।


वहीं व्यवसायी पुष्पम पासवान ने बताया कि अब भारतीय वाहनों के लिए एक साल के भीतर केवल 30 दिन तक ही “भंसार” यानी कस्टम अनुमति मान्य रहेगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों और निजी वाहनों के आवागमन पर असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि पहले की तुलना में अब नियम काफी कड़े हो गए हैं।


स्थानीय कपड़ा व्यवसायी आलोक कुमार झा और मोहन प्रसाद ने बताया कि नेपाल जाने वाले पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और रिश्तेदारों से मिलने जाने वाले लोगों के लिए भी पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। चाहे कोई निजी यात्रा पर जा रहा हो या धार्मिक यात्रा पर, हर व्यक्ति को वैध पहचान पत्र साथ रखना होगा।


नेपाल सीमा शुल्क विभाग की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक नेपाल जाने वाले लोगों को इन दस्तावेजों की जरूरत होगी:

  1. वाहन के सभी वैध कागजात
  2. ड्राइविंग लाइसेंस
  3. वाहन बीमा दस्तावेज
  4. चालक और साथ जाने वाले लोगों का पहचान पत्र
  5. ऑनलाइन अस्थायी वाहन घोषणा की पुष्टि


स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा और निगरानी के लिहाज से यह कदम जरूरी हो सकता है, लेकिन इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लोगों ने नेपाल सरकार से मांग की है कि सीमावर्ती नागरिकों और छोटे व्यापारियों के लिए नियमों में कुछ राहत दी जाए, ताकि रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित न हो।

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