ब्रेकिंग
शिमला में गर्भस्थ भ्रूण के मुंह में मिला दूसरा भ्रूण, ‘Fetus in Fetu’ का दुर्लभ मामलाचोरी के डर से खेत में गाड़े 5 लाख रुपये, किसान की ‘गाढ़ी कमाई’ को चट कर गई दीमक80वें स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से गूंजेगा ‘वंदे मातरम’ ममेरी बहन से शादी की जिद, पिता ने मना किया तो 90 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया युवकउत्तराखंड की बेटी रेणु ने किया कमाल, 8 फीट लंबे बालों के साथ गिनीज बुक में दर्ज कराया अपना नामशिमला में गर्भस्थ भ्रूण के मुंह में मिला दूसरा भ्रूण, ‘Fetus in Fetu’ का दुर्लभ मामलाचोरी के डर से खेत में गाड़े 5 लाख रुपये, किसान की ‘गाढ़ी कमाई’ को चट कर गई दीमक80वें स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार लाल किले की प्राचीर से गूंजेगा ‘वंदे मातरम’ ममेरी बहन से शादी की जिद, पिता ने मना किया तो 90 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया युवकउत्तराखंड की बेटी रेणु ने किया कमाल, 8 फीट लंबे बालों के साथ गिनीज बुक में दर्ज कराया अपना नाम

शिमला में गर्भस्थ भ्रूण के मुंह में मिला दूसरा भ्रूण, ‘Fetus in Fetu’ का दुर्लभ मामला

शिमला के आईजीएमसी में हैरान कर देने वाला मामला: 20 वर्षीय गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण के मुंह के अंदर दूसरे अविकसित भ्रूण जैसी संरचना मिली। डॉक्टरों ने इसे ‘Fetus in Fetu’ का अत्यंत दुर्लभ मामला बताया।

हिमाचल प्रदेश न्यूज
डॉक्टर भी हैरान
© AI-generated image
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

शिमला: हिमाचल प्रदेश के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में गर्भावस्था से जुड़ा एक बेहद दुर्लभ मामला सामने आया है। 20 वर्षीय गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण के मुंह के अंदर एक अविकसित दूसरे भ्रूण जैसी संरचना पाई गई। चिकित्सा विज्ञान में इस दुर्लभ स्थिति को ‘Fetus in Fetu’ कहा जाता है। 


डॉक्टरों ने नियमित सोनोग्राफी जांच के दौरान इस असामान्यता का पता लगाया। इस मामले की केस रिपोर्ट हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल Ultrasound में प्रकाशित हुई है।


सोनोग्राफी में सामने आई असामान्यता

महिला की गर्भावस्था के 22वें सप्ताह से पहले अल्ट्रासाउंड जांच की गई। इस दौरान डॉक्टरों को भ्रूण के निचले जबड़े के पास एक असामान्य मांसल संरचना दिखाई दी, जो बाहर की ओर निकली हुई थी। इसके बाद विस्तृत इमेजिंग जांच की गई। अल्ट्रासाउंड और अन्य आधुनिक इमेजिंग तकनीकों के जरिए पता चला कि भ्रूण के मुंह के अंदर एक अविकसित दूसरे भ्रूण जैसी संरचना मौजूद थी।


क्या है ‘Fetus in Fetu’?

विशेषज्ञों के अनुसार, ‘Fetus in Fetu’ जुड़वां गर्भावस्था से जुड़ी अत्यंत दुर्लभ विकासात्मक असामान्यता है। इसमें एक भ्रूण का विकास सामान्य रूप से नहीं हो पाता और वह दूसरे भ्रूण के शरीर के भीतर रह जाता है। आमतौर पर ऐसी संरचना पेट या शरीर के किसी अन्य हिस्से में पाई जाती है, लेकिन भ्रूण के मुंह के अंदर इसका पाया जाना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।


गर्भ में ही हो गई पहचान

इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इसकी पहचान बच्चे के जन्म के बाद नहीं, बल्कि गर्भावस्था के दौरान ही हो गई। डॉक्टरों ने समय रहते असामान्य संरचना की स्थिति और उससे जुड़े संभावित जोखिमों का आकलन कर लिया। आईजीएमसी के रैडियोडायग्नोसिस विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्रुति ठाकुर के अनुसार, यदि यह संरचना आगे बढ़ती रहती तो भ्रूण को गंभीर नुकसान हो सकता था। प्रसव के दौरान भी जानलेवा जटिलताओं की आशंका थी।


परिजनों को जानकारी देने के बाद लिया गया यह फैसला 

गर्भावस्था 22 सप्ताह से कम होने के कारण डॉक्टरों ने महिला के परिजनों को पूरी स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए गर्भावस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, यह निर्णय महिला की सुरक्षा और संभावित चिकित्सीय जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया। इस दुर्लभ मामले की पहचान और उपचार में आईजीएमसी के रैडियोडायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपम झोबटा, डॉ. श्रुति ठाकुर, डॉ. चारूस्मिता ठाकुर और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ. कल्पना नेगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



टैग्स