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चोरी के डर से खेत में गाड़े 5 लाख रुपये, किसान की ‘गाढ़ी कमाई’ को चट कर गई दीमक

राजस्थान के बालोतरा में एक किसान ने चोरी के डर से 5 लाख रुपये खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिए। करीब एक साल बाद बुवाई के दौरान नोटों से भरा बैग मिला, लेकिन नमी और दीमक के कारण ज्यादातर नोट खराब हो चुके थे।

राजस्थान न्यूज
बैंक ने नोट बदलने से किया इनकार
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

DESK: पांच लाख रुपये चोरों से बचाने के चक्कर में सारा पैसा दीमक खा गये। हैरान कर देने वाला यह मामला राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा थाना क्षेत्र के नेवाई गांव का का है। जहां एक किसान ने चोरी के डर से करीब 5 लाख रुपये नकद खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिए थे, लेकिन बाद में वह पैसे रखने की जगह ही भूल गया। करीब एक साल बाद बुवाई के दौरान जमीन से वही बैग मिला जिसमें उन्होंने पांच लाख रुपये कैश रखे थे। किसान ने जब बैग का चेन खोला तो पैरों तले जमीन खिसक गई। नमी और दीमक के कारण ज्यादातर नोट खराब हो चुके थे। चोर के चक्कर में  किसान ने पांच लाख रुपये गवां दिये।


मकान बनाने के लिए बेचा था प्लॉट

50 वर्षीय किसान मांगीलाल ने इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मकान बनाने के लिए उसने अपना प्लॉट बेचा था, जिससे उसे 5 लाख रुपये कैश मिले थे। घर में इतनी बड़ी रकम रखने पर चोरी का डर था, इसलिए उसने पूरी राशि एक थैली में रखकर खेत में गड्ढा खोदकर दबा दी।


एक महीने बाद भी नहीं मिली रकम

किसान के अनुसार, करीब एक महीने बाद जब उसे पैसों की जरूरत पड़ी तो वह खेत में दबाई गई रकम निकालने पहुंचा, लेकिन वह सही जगह पहचान नहीं सका। काफी तलाश करने के बावजूद पैसे नहीं मिले और उसने उम्मीद छोड़ दी।


बुवाई के दौरान जमीन से निकला बैग

करीब एक साल बाद खेत में बुवाई की तैयारी के दौरान कल्टीवेटर चलाया गया। इसके कुछ दिन बाद किसान अपनी पत्नी और बेटे के साथ खेत की तारबंदी ठीक करने पहुंचा। इसी दौरान जमीन में दबा हुआ एक बैग दिखाई दिया।बैग खोलने पर उसमें वही नकदी मिली, जिसे किसान ने एक साल पहले खेत में छिपाया था। हालांकि लंबे समय तक जमीन के अंदर रहने के कारण 500-500 रुपये के अधिकांश नोट नमी और दीमक से बुरी तरह खराब हो चुके थे।


नमी और दीमक से बर्बाद हुए नोट

किसान ने बताया कि कई नोट पूरी तरह गल चुके हैं, जबकि कुछ छोटे-छोटे टुकड़ों में बदल गए हैं। कुछ नोटों पर सीरियल नंबर अब भी स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अधिकांश नोट उपयोग योग्य नहीं बचे।


बैंक ने नोट बदलने से किया इनकार

मांगीलाल खराब नोटों को लेकर पचपदरा स्थित एसबीआई शाखा पहुंचा और नोट बदलने की गुहार लगाई, लेकिन बैंक ने नोटों की खराब स्थिति का हवाला देते हुए उन्हें बदलने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह बालोतरा स्थित मुख्य शाखा भी गया, जहां उसे बताया गया कि जिन नोटों के सीरियल नंबर स्पष्ट हैं, उनके संबंध में आगे की प्रक्रिया के लिए जयपुर जाना पड़ सकता है।


अनपढ़ किसान के सामने बड़ी चुनौती

किसान का कहना है कि वह अनपढ़ है और आर्थिक रूप से भी परेशान है। ऐसे में जयपुर जाकर नोट बदलवाने की प्रक्रिया पूरी करना उसके लिए बेहद मुश्किल है। अब उसकी कोशिश है कि किसी तरह खराब हुए नोट बदलवाकर अपनी मेहनत की कमाई वापस हासिल कर सके।


वहीं, किसान की पत्नी का कहना है कि यदि मांगीलाल ने पहले ही उन्हें पैसे खेत में छिपाने की जानकारी दे दी होती, तो शायद जगह याद रखने में मदद मिल जाती और इतना बड़ा नुकसान नहीं होता। फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिसे जानकर हर कोई हैरान है। लोग यह चर्चा करने लगे हैं कि चोर का डर था तब क्यों नहीं बैंक में सारा पैसा रख दिया। बैंक में पैसा डिपोजिट रहता तो आज दीमक तो नहीं खाता। 

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