ब्रेकिंग
बिहार में मौसम बिगाड़ सकता है आजादी के जश्न का मजा, स्वतंत्रता दिवस पर 18 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्टघूस लेने के मामले में सहरसा के पूर्व राजस्व कर्मचारी को 2 साल की सजा, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई कहीं ऐसा तो नहीं कि नीतीश कुमार जैसी दिमागी हालत.. डिप्टी सीएम पर क्या बोल गईं रोहिणी आचार्य? भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का दो दिवसीय दौरा, बिहार से होगी ELC 2.0 की शुरुआत17 अगस्त को विधायक पद की शपथ लेंगे प्रशांत किशोर, बांकीपुर में बदलाव के नए दौर की शुरुआतबिहार में मौसम बिगाड़ सकता है आजादी के जश्न का मजा, स्वतंत्रता दिवस पर 18 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्टघूस लेने के मामले में सहरसा के पूर्व राजस्व कर्मचारी को 2 साल की सजा, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई कहीं ऐसा तो नहीं कि नीतीश कुमार जैसी दिमागी हालत.. डिप्टी सीएम पर क्या बोल गईं रोहिणी आचार्य? भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का दो दिवसीय दौरा, बिहार से होगी ELC 2.0 की शुरुआत17 अगस्त को विधायक पद की शपथ लेंगे प्रशांत किशोर, बांकीपुर में बदलाव के नए दौर की शुरुआत

ज्ञानवापी केस में मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका, ASI सर्वे पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

DESK: ज्ञानवापी केस में सुप्रीम कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई सर्वे पर रोक लगाने से इनकार करते हुए मस्जिद परिसर के सर्वे को हरी झंडी दे दी है। क

ज्ञानवापी केस में मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका, ASI सर्वे पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DESK: ज्ञानवापी केस में सुप्रीम कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई सर्वे पर रोक लगाने से इनकार करते हुए मस्जिद परिसर के सर्वे को हरी झंडी दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का सर्वे जारी रहेगा।


सुनवाई के दौरान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि मस्जिद को छुआ न जाए और कोई खुदाई न हो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी पक्षों के हमने सुना हैं और ASI ने अदालत को भरोसा दिया है कि किसी भी तरह से इमारत को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। 


सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के ASI सर्वे की अनुमति देते हुए कहा कि मस्जिद की दीवारों या ढांचे को कोई खुदाई या क्षति नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद प्रबंधन समिति की उस मांग को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि ASI की फाइनल रिपोर्ट को सीलबंद कवर में रखा जाए।


मुस्लिम पक्ष की अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि ASI ने तो राम मंदिर विवाद में भी सर्वे का काम किया था। आखिर ASI का सर्वे होने से क्या दिक्कत है? कोर्ट ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सर्वे से परिसर को कोई नुकसान न हो। बता दें कि वाराणसी की जिला अदालत ने ASI से सर्वे कराने का आदेश दिया था, जिसे हाई कोर्ट ने बरकरार रखा है। इसके बाद अब उच्चतम न्यायालय ने भी इस पर मुहर लगा दी है।