1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 26, 2025, 8:06:20 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
F-35B: केरल के तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 14 जून 2025 से ब्रिटेन की रॉयल नेवी का F-35B फाइटर जेट खड़ा है। खराब मौसम और कम ईंधन के कारण इसकी आपात लैंडिंग हुई थी। 13 दिन बाद भी ब्रिटिश इंजीनियर इसकी हाइड्रॉलिक सिस्टम की खराबी को ठीक नहीं कर पाए हैं। यह वही जेट है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प भारतीय वायुसेना को बेचने की पेशकश कर रहे हैं। ब्रिटिश हाई कमीशन ने स्वीकार किया कि जेट में इंजीनियरिंग समस्या है और मरम्मत के लिए ब्रिटेन से विशेषज्ञों की एक बड़ी टीम और उपकरण भारत पहुंच रहे हैं।
ब्रिटेन की रॉयल नेवी के HMS प्रिंस ऑफ वेल्स करियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा यह जेट इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारतीय नौसेना के साथ संयुक्त समुद्री अभ्यास में शामिल था। लैंडिंग के बाद हाइड्रॉलिक सिस्टम में खराबी सामने आई, जिसे HMS प्रिंस ऑफ वेल्स के इंजीनियर ठीक नहीं कर सके। ब्रिटेन से आई 30 इंजीनियरों की विशेषज्ञ टीम भी 13 दिन बाद खराबी का कारण नहीं ढूंढ पाई। अगर जेट जल्द ठीक नहीं हुआ तो इसे सैन्य कार्गो विमान से ब्रिटेन वापस ले जाया जा सकता है।
भारत ने इस जेट को हैंगर में शिफ्ट करने और मरम्मत में सहायता की पेशकश की थी, जिसे रॉयल नेवी ने ठुकरा दिया। कारण है F-35B की स्टेल्थ और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर तकनीक की गोपनीयता जिसके लीक होने का डर ब्रिटेन को है। एयर इंडिया ने अपने मेंटेनेंस, रिपेयर, और ओवरहॉल सुविधा में जेट ले जाने का प्रस्ताव भी दिया था और भारतीय वायुसेना ने अस्थायी शेड बनाने की सलाह दी थी। खुले टरमैक पर बारिश और गर्मी में खड़े जेट की स्थिति बिगड़ने की आशंका है, जिससे तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट के संचालन में भी व्यवधान हो रहा है।
लॉकहीड मार्टिन का F-35B पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है, जिसकी कीमत 950 करोड़ रुपये है। यह शॉर्ट टेकऑफ/वर्टिकल लैंडिंग वैरिएंट है, जो 1,975 किमी/घंटा की रफ्तार और 6,800 किलोग्राम हथियार ले जा सकता है। इसकी जटिल तकनीक पहले भी विवादास्पद रही है और न्यू मैक्सिको व साउथ कैरोलिना में इसके क्रैश ने विश्वसनीयता पर सवाल भी उठाए हैं। ट्रम्प का भारत को F-35 बेचने का प्रस्ताव इस घटना से कमजोर पड़ता है और भारत इसलिए स्वदेशी AMCA और राफेल जैसे जेट्स पर ध्यान दे रहा है।