DESK: घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत से परेशान दूल्हे ने जयमाला के मंच पर ही दुल्हन से पूछ लिया कि क्या वह जरूरत पड़ने पर लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना पाएगी? दूल्हे राजा के इस सवाल को सुनकर मंच पर मौजूद लोग हैरान रह गये। सब लोग दूल्हा और दुल्हन का चेहरा निहारने लगे। फिर दुल्हन ने इस सवाल का ऐसा जवाब दिया कि वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गये।
दरअसल यह मामला बिहार के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बाराबंकी का है। जहां हुई एक अनोखी शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां सात फेरों से पहले दूल्हे ने अपनी होने वाली दुल्हन के सामने ऐसी शर्त रख दी, जिसे सुनकर सभी हैरान रह गए।
घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत से परेशान दूल्हे ने जयमाल के मंच पर ही दुल्हन से पूछ लिया कि क्या वह जरूरत पड़ने पर लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना पाएगी। अचानक पूछे गए इस सवाल से कुछ देर के लिए माहौल में सन्नाटा छा गया, लेकिन दुल्हन ने समझदारी और आत्मविश्वास के साथ जवाब देते हुए कहा कि वह चूल्हे पर खाना भी बना लेगी और जरूरत पड़ी तो खेतों में काम भी कर सकती है।
मामला लोनी कटरा थाना क्षेत्र के खैरा बीरू गांव का है, जहां रहने वाले अशोक कश्यप की बारात 27 तारीख को उन्नाव जिले के खानपुर गांव गई थी। सात फेरे लेने से पहले दूल्हे अशोक कश्यप ने दुल्हन लक्ष्मी कश्यप के सामने यह शर्त रखी, जिसने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया।
बताया जाता है कि शादी से पहले दूल्हे को गैस सिलेंडर लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई दिनों तक गैस एजेंसी के चक्कर लगाने और लंबी लाइनों में खड़े रहने के बावजूद उसे समय पर सिलेंडर नहीं मिल सका। इसी अनुभव के चलते उसने शादी से पहले ही भविष्य की गृहस्थी को लेकर यह सवाल उठाया।
दुल्हन के सकारात्मक जवाब से दूल्हा संतुष्ट हो गया और वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान लौट आई। इसके बाद पूरे रीति-रिवाज के साथ जयमाल की रस्म पूरी हुई और शादी का कार्यक्रम संपन्न हुआ।परिजनों के अनुसार, गैस की किल्लत के कारण शादी के कई काम लकड़ी के चूल्हे पर ही पूरे करने पड़े। यही वजह रही कि दूल्हे ने शादी से पहले इस बात को स्पष्ट करना जरूरी समझा।





