BAGAHA: बिहार में दस साल से पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन जब से शराबबंदी लागू की गयी है, तब से लोग कई तरह के नशे का उपयोग करने लगे हैं। स्मैक, सुलेशन, व्हाइटनर, गांजा, कफ सिरप, नशीला इंजेक्शन, ड्रग्स, हिरोइन, अफीम, अवैध देशी दारू और दूसरे प्रदेश से आने वाली विदेशी शराब सहित कई तरह का नशा करने लगे हैं। ऐसा कोई इलाका नहीं बचा होगा जहां आपकों नशेड़ी, स्मेकियर, गंजेरी ना मिले।
जब इन्हें नशा करने के पास में पैसे नहीं रहते हैं तो चोरी और आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। जिसके बाद ये लोग हर तरह का नशा करते हैं। प्रतिबंधित कफ सिरप को भी नशा के रूप में इस्तेमाल करते हैं। बगहा में तो चाय की दुकान पर कफ सिरप बेचा जा रहा था। इस बात का खुलासा पुलिस ने किया है। रामनगर पुलिस ने नशीली और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया है।
रामनगर थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि पुलिस पदाधिकारी राजन साह के आवेदन के आधार पर नगर क्षेत्र में प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की सूचना पर विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान बेलगोला हरिनगर स्थित एक चाय दुकान पर छापेमारी की गई, जहां चाय बेच रहे एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।
तलाशी के दौरान उसके पास से दो कार्टन में रखी गई टस्कलिस-टी और ग्रेट-एक्स नामक कुल 193 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ये दवाएं चरघरवा स्थित दुर्गा ड्रग एजेंसी के संचालक अनुरंजन उर्फ पिंटू कुमार सिन्हा से लाता था।
आरोपी के बयान के आधार पर वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर चरघरवा में भी छापेमारी की गई। वहां से भी आठ पीस प्रतिबंधित दवा बरामद की गई। मामले की जांच के लिए 12 जून को औषधि निरीक्षक कन्हैया किशोर सिंह रामनगर थाना पहुंचे। जांच के दौरान उन्होंने बरामद दवाओं को प्रतिबंधित श्रेणी का बताया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति कहां से की जा रही थी।




