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अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को मिला पहला CEO, रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को सौंपी गई कमान

Ayodhya Ram Mandir CEO: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट को पहला CEO मिल गया है। रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट की कमान सौंपी गई है। मिश्रा भारतीय वायुसेना में 38 साल से ज्यादा सेवा दे चुके हैं और ऑपरेशन सिंदूर से भी उनका जुड़ाव रहा है।

Ayodhya Ram Mandir CEO
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Ayodhya Ram Mandir CEO: अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल गया है। एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट की कमान सौंपी गई है। भारतीय वायुसेना में करीब 38 वर्षों तक सेवा दे चुके मिश्रा वेस्टर्न एयर कमांड में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।



एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला और वायुसेना एकेडमी, डुंडीगल से शिक्षा हासिल की है। इसके अलावा, उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, मोंटगोमरी, अलबामा और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, ब्रिटेन में भी प्रशिक्षण लिया है।



मिश्रा वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर भी रह चुके हैं। इससे पहले उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑप्स) के डिप्टी चीफ और इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइजेशन एंड ट्रेनिंग) में डिप्टी चीफ के तौर पर जिम्मेदारी संभाली।



जीतेंद्र मिश्रा का पिछले साल मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर से भी जुड़ाव रहा है। पाकिस्तान के खिलाफ इस सैन्य अभियान के दौरान वे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में तैनात थे। ऑपरेशन में उनकी भूमिका के लिए उन्हें पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया था। इससे पहले उन्हें 2024 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2013 में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है।



जीतेंद्र मिश्रा को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू दल में 6 दिसंबर 1986 को कमीशन मिला था। सेवानिवृत्ति से पहले उनका करियर 38 वर्षों से अधिक का रहा। इस दौरान उन्होंने 3,000 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी और 18 से अधिक प्रकार के लड़ाकू विमानों व हेलीकॉप्टरों को उड़ाया। मिश्रा उस टीम का भी हिस्सा रहे हैं, जिसने कारगिल युद्ध की शुरुआत में मिराज-2000 लड़ाकू विमानों से लेजर गाइडेड बम गिराए थे।



राम मंदिर ट्रस्ट में यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब हाल ही में मंदिर में चंदे और चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी का विवाद सामने आया था। दानपात्रों और चढ़ावे की रकम से जुड़ी कथित अनियमितताओं के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया था।



जांच में मंदिर परिसर में चढ़ावे की गिनती और रकम जमा करने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की पड़ताल की गई। मामले में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई। सपा, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। वहीं, सरकार ने कहा था कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।



इस विवाद के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज में बदलाव का फैसला लिया गया। अन्य प्रमुख मंदिरों की तर्ज पर राम मंदिर ट्रस्ट में भी CEO का पद बनाया गया है। इसके साथ ही ट्रस्ट में अयोध्या से तीन नए सदस्यों—मदन मोहन पांडे, महेश भागचंद और उर्मिला चतुर्वेदी—को शामिल किया गया है।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता