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मथुरा में मुकेश सहनी का पैदल मार्च, सरकार को 24 घंटे की मोहलत, 3 सितंबर को CM से करेंगे सीधा सवाल

मुकेश सहनी ने मथुरा में निषाद समाज के सम्मान और अधिकारों को लेकर पैदल मार्च किया। उन्होंने 24 घंटे में FIR दर्ज नहीं होने पर 3 सितंबर को मुख्यमंत्री से सीधे सवाल करने की चेतावनी दी।

बिहार न्यूज
कुंवर निषाद के अपमान पर भड़के मुकेश सहनी
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

पटना/लखनऊ: विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी आज यूपी के मथुरा में सैकड़ों समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पैदल मार्च कर निषाद समाज के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया। कचहरी दामोदरपुरा से जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाले गए मार्च के दौरान उन्होंने कुंवर निषाद के साथ कथित गाली-गलौज के मामले में अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर प्रशासन और सरकार को घेरा।


जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर समर्थकों को संबोधित करते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि समाज की एकजुटता के कारण राजू दास ने निषाद समाज से माफी मांगी है, लेकिन यह माफी पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि कुंवर निषाद से भी माफी मांगी जानी चाहिए। सहनी ने बताया कि प्रशासन की ओर से कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया गया है।


उन्होंने कहा कि उन्हें लोकतंत्र और संविधान पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि प्रशासन अपने आश्वासन के अनुरूप 24 घंटे के भीतर मुकदमा दर्ज करेगा। सहनी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होती है, तो तीन सितंबर को मुख्यमंत्री के मथुरा आने की स्थिति में बड़ी संख्या में लोग एकजुट होकर उनसे सीधे सवाल करेंगे।


वीआईपी प्रमुख ने कहा कि निषाद, मल्लाह, बिंद, केवट और कश्यप समाज अब अपने सम्मान और अधिकारों के लिए किसी के सामने झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के संविधान में विश्वास रखने वाले लोग कानून के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने तथा समाज को एकजुट रखने की अपील की।


मुकेश सहनी ने कहा कि कुंवर , निषाद के साथ पार्टी पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि जब तक अन्याय के खिलाफ न्यायसंगत कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने निषाद समाज के आरक्षण को अपनी मुख्य लड़ाई बताते हुए कहा कि आरक्षण हासिल होने तक आंदोलन रुकेगा नहीं। उन्होंने युवाओं से आत्मसम्मान और अधिकारों के लिए संगठित रहने का आह्वान किया।


इस मौके पर राजाराम जी, प्रेमचंद कश्यप जी, पार्टी के वरिष्ठ नेता हरिओम जी, विभिन्न ज़िलों से आए तमाम नेतागण और कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। 


इसके बाद मीडिया से बातचीत में सहनी ने कहा कि वीआईपी उत्तर प्रदेश में शांतिपूर्ण और कानूनी कार्रवाई की अपेक्षा के साथ आई है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति ने अपराध किया है तो वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ नियमानुसार मुकदमा दर्ज होना चाहिए और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी टकराव नहीं चाहती, बल्कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से न्याय की मांग कर रही है। यदि न्यायसंगत कार्रवाई नहीं होती है, तो उत्तर प्रदेश, बिहार समेत देश के विभिन्न हिस्सों में लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराया जाएगा।


सहनी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री राज्य के प्रत्येक नागरिक के प्रतिनिधि होते हैं। उन्हें सभी वर्गों को समान नजरिए से देखना चाहिए। पिछड़े, दलित और वंचित समाज के लोगों के साथ दुर्व्यवहार या अपमान होने पर यदि सरकार प्रभावशाली लोगों को संरक्षण देती है, तो यह पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।


उन्होंने कहा कि सत्ता को जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव की राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। जनता और जागरूक युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी शक्ति का अहसास कराया है और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता का निर्णय सर्वोपरि है।


सहनी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से तीन सितंबर की तैयारी रखने को कहा और स्पष्ट किया कि यदि समय सीमा के भीतर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो सोशल मीडिया के माध्यम से आह्वान कर बड़ी संख्या में लोगों को मथुरा पहुंचने के लिए कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।मथुरा में मुकेश सहनी का पैदल मार्च, सरकार को 24 घंटे की मोहलत, 3 सितंबर को CM से करेंगे सीधा सवाल मथुरा में मुकेश सहनी का पैदल मार्च, सरकार को 24 घंटे की मोहलत, 3 सितंबर को CM से करेंगे सीधा सवाल

मथुरा में मुकेश सहनी का पैदल मार्च, सरकार को 24 घंटे की मोहलत, 3 सितंबर को CM से करेंगे सीधा सवाल

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