ब्रेकिंग
बिहार में मां दुर्गा की डोली यात्रा के बीच अचानक मचा हड़कंप, खूंखार कुत्ते ने 50 से ज्यादा लोगों को काटा✦Pawan Singh : पवन सिंह को कोर्ट से झटका! पत्नी ज्योति के केस में फिर नहीं हुए पेश, लगा ₹3 हजार जुर्माना ...✦Anant Singh : संजय झा के 'एक्शन' वाले बयान पर अनंत सिंह का जवाब, बोले- फैसला होगा तब देख लेंगे; नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार करने के सवाल पर कहा - खेत बेचने जाते हैं वोट मांगने नहीं ...✦Bihar Police : पहले प्यार, फिर कांस्टेबल की एंट्री और आखिर में 5 राउंड फायरिंग! लव ट्रायंगल की वजह से एक्साइज सिपाही अजीत की हुई हत्या ? ✦Anant Singh : बाढ़ में नीतीश कुमार को विजय कृष्ण की चुनौती, मोकामा में अनंत के भाई को हराकर सूरजभान का बढ़ता दबदबा; तभी चांदी के सिक्कों से अनंत ने बदल दी सियासत की कहानी✦बिहार में मां दुर्गा की डोली यात्रा के बीच अचानक मचा हड़कंप, खूंखार कुत्ते ने 50 से ज्यादा लोगों को काटा✦Pawan Singh : पवन सिंह को कोर्ट से झटका! पत्नी ज्योति के केस में फिर नहीं हुए पेश, लगा ₹3 हजार जुर्माना ...✦Anant Singh : संजय झा के 'एक्शन' वाले बयान पर अनंत सिंह का जवाब, बोले- फैसला होगा तब देख लेंगे; नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार करने के सवाल पर कहा - खेत बेचने जाते हैं वोट मांगने नहीं ...✦Bihar Police : पहले प्यार, फिर कांस्टेबल की एंट्री और आखिर में 5 राउंड फायरिंग! लव ट्रायंगल की वजह से एक्साइज सिपाही अजीत की हुई हत्या ? ✦Anant Singh : बाढ़ में नीतीश कुमार को विजय कृष्ण की चुनौती, मोकामा में अनंत के भाई को हराकर सूरजभान का बढ़ता दबदबा; तभी चांदी के सिक्कों से अनंत ने बदल दी सियासत की कहानी

भागलपुर में गंगा का रौद्र रूप, तिनका-तिनका जोड़कर बनाया आशियाना... अब खुद तोड़ रहे लोग

Bihar Flood News: भागलपुर के निचले इलाकों में गंगा का कटाव अब ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। कई घर कटाव की चपेट में आकर जमींदोज हो चुके हैं, जबकि लोग अपना आशियाना बचाने के लिए खुद घर तोड़कर सामान सुरक्षित जगह पहुंचा रहे...

भागलपुर में गंगा का रौद्र रूप, तिनका-तिनका जोड़कर बनाया आशियाना... अब खुद तोड़ रहे लोग
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar Flood News: भागलपुर के निचले इलाकों में गंगा का कटाव लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है. मंदरोनी, इंग्लिश फलका और माशारू इलाके में पिछले दो दिनों से जारी तेज कटाव की वजह से कई घर इसकी चपेट में आकर जमींदोज हो चुके हैं. कटाव की रफ्तार को देखते हुए लोग अब अपने घरों को बचाने के लिए उन्हें खुद तोड़कर सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को मजबूर हैं.


गंगा की तेज धार के कारण इन इलाकों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. कहीं घर की दीवारें देखते ही देखते भरभराकर गिर रही हैं, तो कहीं लोग अपने आशियाने का सामान समेटकर सुरक्षित जगहों की ओर जाते नजर आ रहे हैं. वर्षों की मेहनत से बनाए गए घरों को अपनी आंखों के सामने उजड़ता देख ग्रामीणों के बीच चिंता और बेबसी का माहौल है.


कटाव की चपेट में कई घर

मंदरोनी, इंग्लिश फलका और माशारू में गंगा का कटाव लगातार आगे बढ़ रहा है. पिछले दो दिनों में कई घर कटाव की चपेट में आ चुके हैं. जिन घरों पर खतरा मंडरा रहा है, वहां रहने वाले परिवार पहले से ही अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं.


ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का पानी और तेज धार लगातार जमीन को काट रही है. कटाव इतनी तेजी से हो रहा है कि लोगों को अपने घरों को बचाने का मौका तक नहीं मिल पा रहा है. कई परिवारों ने घर गिरने से पहले ही सामान निकालना शुरू कर दिया है, ताकि कम से कम उनका जरूरी सामान सुरक्षित रह सके.


आंखों के सामने उजड़ रहा वर्षों का आशियाना

ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने वर्षों की मेहनत और जमा पूंजी से अपना घर बनाया था. एक-एक सामान जोड़कर परिवार के लिए आशियाना तैयार किया, लेकिन अब वही घर गंगा की धार में समाने के कगार पर है. कई लोगों के लिए स्थिति ऐसी हो गई है कि अपने हाथों से बनाए घर को खुद तोड़कर सामान निकालना पड़ रहा है.


कटाव की तस्वीरों में लोगों की बेबसी साफ नजर आ रही है. महिलाएं अपने घर और सामान को उजड़ता देख भावुक हैं, जबकि पुरुष परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और जरूरी सामान बचाने में जुटे हुए हैं.


ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी

लगातार हो रहे कटाव को लेकर ग्रामीणों में जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कटाव रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.


ग्रामीणों को डर है कि गंगा की धार इसी तरह आगे बढ़ती रही तो कई और घर इसकी चपेट में आ सकते हैं. इससे बड़ी संख्या में परिवारों के सामने अपना घर और जमीन बचाने के साथ-साथ सुरक्षित ठिकाने की तलाश की समस्या खड़ी हो सकती है.
भागलपूर से शयामानंद सिह की रिपोर्ट