DESK: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजी ब्रिष्टी मुखर्जी का शव मंगलवार को बीरभूम जिले के कुसुम्बा गांव में मिला। शुरुआती जांच में पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
ब्रिष्टी मुखर्जी तृणमूल कांग्रेस के नेता और ममता बनर्जी के चचेरे भाई निहार मुखर्जी की बेटी थीं। बताया जा रहा है कि शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में नौकरी जाने के बाद से वह मानसिक तनाव में थीं।
नौकरी जाने के बाद से थीं तनाव में
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिष्टी मुखर्जी बोलपुर के एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में ग्रुप-C कर्मचारी के पद पर कार्यरत थीं। वर्ष 2024 में कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद उनकी नौकरी चली गई थी। इसके बाद से ही वह कथित तौर पर डिप्रेशन में थीं।
हाईकोर्ट ने रद्द की थीं 25,753 नौकरियां
पश्चिम बंगाल के चर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने 22 अप्रैल 2024 को बड़ा फैसला सुनाते हुए अवैध तरीके से हासिल की गई सभी नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि लंबे समय तक अवैध तरीके से नौकरी करने वाले कर्मचारियों को ब्याज सहित वेतन वापस करना होगा।
हाईकोर्ट के इस फैसले के तहत 2016 के भर्ती पैनल के आधार पर दी गई कुल 25,753 नौकरियां रद्द कर दी गई थीं। इसी कार्रवाई की जद में ब्रिष्टी मुखर्जी की नौकरी भी चली गई थी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ब्रिष्टी की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।





