BHAGALPUR: जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH), मायागंज के ब्लड बैंक में खून की अवैध दलाली और पेशेवर रक्तदाताओं पर रोक लगाने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागू की गई है। अब ब्लड बैंक में रक्तदान करने वाले हरेक व्यक्ति का डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। इसके लिए रक्तदाता का आधार कार्ड और बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट सत्यापन अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था के तहत ब्लड बैंक में राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 'आभा' (ABHA) सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया गया है। सोमवार को सिस्टम का सफल ट्रायल किया गया, जिसके बाद मंगलवार से इसे आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया।
3 महीने से पहले ब्लड डोनेट करने पर मिलेगा अलर्ट
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि रक्तदाता के पिछले रक्तदान का पूरा रिकॉर्ड सिस्टम में उपलब्ध रहेगा। जब कोई व्यक्ति दोबारा रक्तदान करने पहुंचेगा, तो कंप्यूटर पर यह जानकारी मिल जाएगी कि उसने पिछली बार कब और कहां रक्तदान किया था। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित 90 दिनों यानी तीन महीने की अवधि पूरी होने से पहले दोबारा रक्तदान करने पहुंचता है, तो सिस्टम तत्काल अलर्ट जारी करेगा। इसके बाद निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले रक्तदान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत रक्तदान के लिए आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का आधार कार्ड और बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट दर्ज किया जाएगा। इसके बाद ही रक्तदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह सिस्टम केंद्रीय डिजिटल डेटाबेस से ऑनलाइन जुड़ा रहेगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे एक ही व्यक्ति के अलग-अलग पहचान के जरिए बार-बार रक्तदान करने की कोशिशों पर रोक लगेगी। साथ ही ब्लड बैंक में सक्रिय बिचौलियों और पेशेवर रक्तदाताओं के जरिए होने वाली अवैध रक्त दलाली पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।
टेक्नीशियनों और कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अजय प्रताप ने बताया कि नई डिजिटल व्यवस्था को संचालित करने के लिए ब्लड बैंक के सभी लैब टेक्नीशियनों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। सोमवार को सिस्टम का सफल परीक्षण किया गया और मंगलवार से इसे पूरी तरह लागू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य एक ओर रक्तदाताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल परिसर में खून की अवैध दलाली और पेशेवर रक्तदान के कारोबार पर प्रभावी तरीके से रोक लगाना है।
अवैध रक्त कारोबार पर लगेगा अंकुश
स्वास्थ्य मुख्यालय को JLNMCH ब्लड बैंक में बिचौलियों और दलालों के माध्यम से बार-बार अनधिकृत तरीके से खून के लेन-देन की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के बाद मुख्यालय के निर्देश पर यह डिजिटल और बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू की गई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आधार सत्यापन, फिंगरप्रिंट और डिजिटल रिकॉर्ड की मदद से रक्तदान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और अवैध रक्त कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।





