Bihar News: पुलिस की वर्दी में अपराध और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले एसपी राजेश कुमार का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। बगहा के 10+2 सहकारी प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय में जब एसपी पहुंचे तो उन्होंने अधिकारियों की तरह निरीक्षण करने के बजाय कुछ देर के लिए टीचर की भूमिका निभाई। एसपी ने छात्राओं के बीच बैठकर उनसे संवाद किया और फिर ब्लैकबोर्ड पर जाकर खुद पढ़ाना शुरू कर दिया।
एसपी को अचानक शिक्षक की भूमिका में देखकर छात्राओं में उत्साह नजर आया। उन्होंने छात्राओं से पढ़ाई को लेकर बातचीत की और उनके सवालों को भी समझने की कोशिश की। इसके बाद ब्लैकबोर्ड पर पाठ पढ़ाते हुए उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन और समय के महत्व के बारे में बताया।
पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए सबसे जरूरी है कि विद्यार्थी अपना लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करें। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से अध्ययन करने, समय का सदुपयोग करने और अनुशासन में रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि आज की मेहनत ही बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव तैयार करेगी। इसलिए पढ़ाई को बोझ न समझें, बल्कि अपने सपनों को पूरा करने का माध्यम मानकर आगे बढ़ें।
स्कूल में एसपी का यह अंदाज छात्राओं के लिए भी खास रहा। आमतौर पर पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते देखने वाली छात्राओं ने जब एसपी को शिक्षक की भूमिका में देखा तो माहौल कुछ अलग नजर आया। एसपी ने भी बच्चों के साथ सहज होकर बातचीत की और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
एसपी ने कहा कि बच्चों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के प्रति गंभीर रहने और अपने भविष्य को लेकर अभी से लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।इस दौरान विद्यालय के शिक्षकगण के अलावा पुलिस पदाधिकारी और कर्मी भी मौजूद रहे। बगहा में एसपी का यह 'टीचर वाला अंदाज' अब चर्चा में है।





