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AI वीडियो देखकर हो जाएं सावधान! इन 5 तरीकों से पहचानें वीडियो असली है या नकली

AI से बनाए गए वीडियो अब इतने वास्तविक नजर आ सकते हैं कि उन्हें पहली नजर में पहचानना मुश्किल हो जाता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जांचना बेहद जरूरी है। चेहरे और आंखों की हरकत से लेकर आवाज, वीडियो के सोर्स और बैकग्रा

AI वीडियो देखकर हो जाएं सावधान! इन 5 तरीकों से पहचानें वीडियो असली है या नकली
Ramakant kumar
4 मिनट

AI Video Real or Fake: आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से ऐसे वीडियो बनाना आसान हो गया है, जिनमें किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज और बोलने के अंदाज को काफी हद तक बदला जा सकता है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले कई वीडियो को देखकर पहली नजर में यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि वह असली है या AI से तैयार किया गया है. ऐसे नकली वीडियो को आमतौर पर डीपफेक कहा जाता है.


सोशल मीडिया पर कोई वीडियो तेजी से वायरल हो रहा हो तो उसे तुरंत सच मान लेना सही नहीं है. खासकर अगर वीडियो में किसी बड़े नेता, अभिनेता, अधिकारी या किसी संस्था से जुड़ा दावा किया गया हो, तो उसे शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जांचना जरूरी है. कुछ आसान संकेतों की मदद से आप काफी हद तक पता लगा सकते हैं कि कोई वीडियो संदिग्ध है या नहीं.


चेहरे और आंखों की हरकत पर दें ध्यान

AI से बनाए गए वीडियो में चेहरे की हरकतें कई बार सामान्य नहीं लगती हैं. वीडियो देखते समय आंखों की पलकें, चेहरे के भाव और होंठों की मूवमेंट पर ध्यान दें. अगर बोलते समय होंठ और आवाज के बीच तालमेल सही नहीं है या चेहरे के भाव अचानक बदल रहे हैं, तो वीडियो संदिग्ध हो सकता है.


आवाज और होंठों का तालमेल करें चेक

डीपफेक तकनीक के जरिए किसी व्यक्ति की आवाज की नकल भी की जा सकती है. इसलिए वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की आवाज और उसके होंठों की गतिविधि को ध्यान से देखें. अगर दोनों के बीच तालमेल नहीं बैठ रहा है या आवाज असामान्य और रोबोटिक लग रही है, तो वीडियो की सत्यता पर सवाल उठता है.


वीडियो का सोर्स जरूर जांचें

किसी वायरल वीडियो को देखने के बाद सबसे पहले यह पता करें कि उसे सबसे पहले किस अकाउंट या प्लेटफॉर्म से शेयर किया गया था. वीडियो के साथ किए गए दावे का मूल स्रोत क्या है, यह जानना भी जरूरी है. अगर वीडियो किसी नेता, अभिनेता, कंपनी या सरकारी संस्था से जुड़ा है तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट पर जाकर जानकारी की पुष्टि करें.


वीडियो की क्वालिटी में गड़बड़ी तलाशें

AI-generated वीडियो में कई बार हाथ, उंगलियां, दांत, बाल, कान और चेहरे के आसपास की चीजें असामान्य दिखाई दे सकती हैं. बैकग्राउंड में मौजूद वस्तुओं के आकार या उनकी स्थिति में भी अचानक बदलाव नजर आ सकता है. ऐसे में वीडियो को रोककर अलग-अलग हिस्सों और फ्रेम को ध्यान से देखना चाहिए. किसी फ्रेम में चेहरा या बैकग्राउंड अचानक बदलता दिखाई दे तो वीडियो को लेकर सावधान हो जाएं.


दूसरे भरोसेमंद सोर्स से करें खबर की पुष्टि

किसी वायरल वीडियो में अगर किसी बड़ी घटना या महत्वपूर्ण दावे की बात कही गई है तो उसे सिर्फ वीडियो के आधार पर सच न मानें. उस दावे को भरोसेमंद न्यूज वेबसाइटों और आधिकारिक स्रोतों पर जरूर चेक करें. अगर वीडियो में किसी बड़ी घटना का दावा किया गया है, लेकिन किसी विश्वसनीय समाचार माध्यम या आधिकारिक स्रोत पर उसकी पुष्टि नहीं मिलती है, तो वीडियो को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है.


वीडियो कितना भी वास्तविक क्यों न दिखाई दे, उसे तुरंत शेयर करने के बजाय उसके सोर्स, आवाज, चेहरे की गतिविधियों और दावे की पुष्टि जरूर करें. थोड़ी सी सावधानी आपको गलत जानकारी और ऑनलाइन ठगी से बचाने में मदद कर सकती है.