NEET Paper Leak Case: पटना में NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर लंबे समय से चर्चा में रहे संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. आर्थिक अपराध इकाई ने न्यायालय की अनुमति के बाद उन्हें बेऊर स्थित आदर्श केंद्रीय कारा से पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की है. पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है.
आर्थिक अपराध इकाई की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, पत्रकारनगर थाना कांड संख्या-224/17, दिनांक 07.05.2017 में संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया उर्फ लुटन मुखिया को न्यायालय से अनुमति प्राप्त करने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया गया. यह मामला धोखाधड़ी, ठगी, फर्जी दस्तावेज और आईटी एक्ट समेत कई धाराओं में दर्ज है.
रिमांड पर लेकर की गई गहन पूछताछ
आर्थिक अपराध इकाई ने संजीव मुखिया को रिमांड पर लेकर विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की. अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उनसे प्राप्त सूचनाओं के आधार पर प्रतियोगिता परीक्षाओं में गड़बड़ी और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों में कई महत्वपूर्ण तथ्यों के सामने आने की संभावना है.
पुलिस के अनुसार, संजीव मुखिया का नाम पहले भी कई प्रतियोगिता परीक्षाओं में कथित धोखाधड़ी और पेपर लीक से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है. इसी वजह से आर्थिक अपराध इकाई उनके नेटवर्क और विभिन्न मामलों में उनकी भूमिका की जांच कर रही है.
2017 के मामले में पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
पुलिस की प्रेस रिलीज के मुताबिक, पत्रकारनगर थाना कांड संख्या-224/17 में NEET परीक्षा में धोखाधड़ी के उद्देश्य से तैयारी करने के आरोप में संजीव मुखिया के पुत्र डॉ. शिव कुमार समेत अन्य लोगों को पहले गिरफ्तार किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए 19 जून 2025 को इस कांड को आगे के अनुसंधान के लिए आर्थिक अपराध इकाई ने अपने अधीन लिया था.
जांच के दौरान इस मामले में अब तक 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, संजीव मुखिया को भी इस कांड में रिमांड किया गया है.
कई प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में नाम
आर्थिक अपराध इकाई ने बताया कि संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया उर्फ लुटन मुखिया कई अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं में धोखाधड़ी और पेपर लीक से जुड़े कांडों के अभियुक्त रहे हैं. उन्हें आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-06/2024 में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. इसी मामले के तहत भी उन्हें रिमांड पर लिया गया था.
NEET-UG मामले में CBI की जांच में भी आया था नाम
NEET-UG पेपर लीक मामले में संजीव मुखिया का नाम जांच एजेंसियों की जांच के दौरान सामने आया था. CBI ने भी उनसे पूछताछ की थी और उनके कथित नेटवर्क में भूमिका की जांच की थी. अब आर्थिक अपराध इकाई द्वारा पत्रकारनगर थाना कांड में की गई पूछताछ के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी से जुड़े अन्य मामलों में भी नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है.
आर्थिक अपराध इकाई ने कहा है कि प्रतियोगिता परीक्षाओं में गलत तरीके से प्रश्नपत्र लीक कराने वाले गिरोहों और इस काम से आर्थिक लाभ लेने वाले लोगों एवं समूहों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. एजेंसी कांड के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच कर रही है.
जांच के दौरान सामने आने वाली सूचनाओं के आधार पर मामले में संलिप्त अन्य लोगों की भूमिका का सत्यापन किया जा रहा है. पुलिस के अनुसार, जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.





