Atal Pension Yojana : अटल पेंशन योजना में हो गया बड़ा बदलाव, PM मोदी ने खुद पोस्ट कर दी जानकारी; जानिए क्या है पूरी खबर

वसंत पंचमी के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने अटल पेंशन योजना को 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 23 Jan 2026 01:47:09 PM IST

Atal Pension Yojana : अटल पेंशन योजना में हो गया बड़ा बदलाव, PM मोदी ने खुद पोस्ट कर दी जानकारी; जानिए क्या है पूरी खबर

- फ़ोटो

Atal Pension Yojana : वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और निम्न आय वर्ग के लोगों को बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से देशभर के करोड़ों लोगों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिक भाई-बहनों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में यह निर्णय लिया गया है, ताकि निम्न आय वर्ग और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को बुढ़ापे में नियमित आय की गारंटी मिल सके। प्रधानमंत्री के इस ऐलान को सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक अहम कदम माना जा रहा है।


क्या है अटल पेंशन योजना

अटल पेंशन योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में की थी। यह योजना मुख्य रूप से उन लोगों के लिए बनाई गई है जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जैसे—मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, किसान, रिक्शा चालक, छोटे दुकानदार और अन्य कम आय वाले श्रमिक। इन वर्गों के पास आमतौर पर कोई स्थायी पेंशन व्यवस्था नहीं होती, ऐसे में यह योजना उनके लिए बुढ़ापे का सहारा बनती है। इस योजना का उद्देश्य सेवानिवृत्ति के बाद लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। अटल पेंशन योजना में शामिल व्यक्ति को 60 वर्ष की आयु के बाद गारंटीड मासिक पेंशन मिलती है।


योजना में शामिल होने की पात्रता

अटल पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। योजना में शामिल होने के लिए व्यक्ति की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। लाभार्थी भारतीय नागरिक होना चाहिए और उसके पास बैंक या डाकघर में बचत खाता होना अनिवार्य है। इसके साथ ही व्यक्ति आयकर दाता नहीं होना चाहिए। सरकारी कर्मचारी या ऐसे लोग जो पहले से किसी अन्य वैधानिक पेंशन योजना का लाभ ले रहे हैं, वे इस योजना के पात्र नहीं होते। हालांकि यह योजना अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से अलग है और पात्र सभी भारतीय नागरिकों के लिए खुली है।


कितनी पेंशन मिलती है

अटल पेंशन योजना के तहत लाभार्थी को 60 वर्ष की उम्र के बाद 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक मासिक पेंशन मिलती है। पेंशन की राशि इस बात पर निर्भर करती है कि व्यक्ति कितनी उम्र में योजना से जुड़ता है और हर महीने कितना योगदान करता है।


उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति 18 वर्ष की आयु में 1,000 रुपये मासिक पेंशन के लिए योजना में शामिल होता है, तो उसे करीब 42 रुपये प्रति माह का योगदान करना होता है। वहीं 5,000 रुपये मासिक पेंशन के लिए लगभग 210 रुपये प्रति माह का योगदान देना पड़ता है। उम्र बढ़ने के साथ मासिक योगदान की राशि भी बढ़ जाती है।


मृत्यु के बाद भी परिवार को सुरक्षा

अटल पेंशन योजना में परिवार की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है। लाभार्थी की मृत्यु के बाद पेंशन की राशि उसके जीवनसाथी को मिलती है। यदि जीवनसाथी की भी मृत्यु हो जाती है, तो योजना के तहत जमा पूरी राशि नामित व्यक्ति (नॉमिनी) को दी जाती है। इस तरह यह योजना सिर्फ व्यक्ति ही नहीं, बल्कि उसके परिवार के लिए भी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करती है।


सरकार की गारंटी और रिटर्न

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पेंशन सरकार द्वारा गारंटीड होती है। यदि निवेश पर मिलने वाला रिटर्न तय पेंशन राशि से कम होता है, तो सरकार उसकी भरपाई करती है। वहीं यदि रिटर्न अधिक होता है, तो लाभार्थी को अतिरिक्त लाभ भी मिलता है।


करोड़ों लोग उठा चुके हैं लाभ

अटल पेंशन योजना से अब तक करोड़ों लोग लाभान्वित हो चुके हैं। यह योजना खासकर ग्रामीण इलाकों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। योजना को 2030-31 तक बढ़ाने का फैसला सरकार की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की मंशा को दर्शाता है। कुल मिलाकर, अटल पेंशन योजना का विस्तार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बुढ़ापे की चिंता कम करने वाला कदम है, जो उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने का भरोसा देता है।