लखनऊ: वाराणसी से दिल्ली जा रही Air India Express की फ्लाइट IX-1253 में उस समय हड़कंप मच गया, जब उड़ान के दौरान विमान के कार्गो सेक्शन में अचानक स्मोक डिटेक्शन अलार्म बजने लगा। अलार्म सक्रिय होते ही विमान के पायलट ने बिना कोई जोखिम उठाए तत्काल लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया और विमान को लखनऊ डायवर्ट करने की अनुमति मांगी। अनुमति मिलने के बाद विमान की लखनऊ एयरपोर्ट पर एहतियाती और सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
घटना के बाद कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों और एयरपोर्ट रिस्पॉन्स टीम की सक्रियता बढ़ गई। विमान के सुरक्षित उतरते ही फायर ब्रिगेड, तकनीकी विशेषज्ञ और संबंधित सुरक्षा टीमों को मौके पर बुलाया गया। विमान की पूरी तरह से जांच की गई और उसमें सवार यात्रियों तथा क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
उड़ान भरने के कुछ देर बाद बजा अलार्म
एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, Air India Express की यह फ्लाइट गुरुवार को वाराणसी एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। उड़ान सामान्य रूप से आगे बढ़ रही थी, लेकिन कुछ देर बाद विमान के कार्गो हिस्से में लगे स्मोक डिटेक्शन सिस्टम ने अलार्म देना शुरू कर दिया।
कार्गो में धुएं का अलार्म बजना विमान की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर संकेत माना जाता है। ऐसे में पायलट ने स्थिति को नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल एहतियाती कदम उठाया। पायलट ने लखनऊ ATC से संपर्क किया और विमान को दिल्ली के बजाय लखनऊ ले जाने का फैसला किया। इसके बाद विमान को लखनऊ एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया। विमान के लखनऊ पहुंचने तक एयरपोर्ट पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम कर लिए गए थे।
सुरक्षित उतरे करीब 155 यात्री और क्रू सदस्य
लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान की लैंडिंग के बाद रिस्पॉन्स टीम तुरंत सक्रिय हो गई। फायर ब्रिगेड के साथ तकनीकी विशेषज्ञों को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके। विमान में सवार करीब 155 यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित बाहर निकाले गए। शुरुआती जांच में विमान के भीतर धुएं या आग का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए विमान की गहन तकनीकी जांच की गई।
जांच के बाद विमान को एयरपोर्ट के टैक्सी-वे पर पार्क कर दिया गया। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कार्गो सेक्शन में लगा स्मोक अलार्म किस वजह से सक्रिय हुआ। इसकी तकनीकी जांच की जा रही है।
आग नहीं मिली, फिर क्यों बजा स्मोक अलार्म?
विमान के अंदर आग या धुएं का स्पष्ट संकेत नहीं मिलने के बाद अब तकनीकी टीम अलार्म सक्रिय होने की वजह का पता लगाने में जुटी है। विमान में लगे स्मोक डिटेक्शन सिस्टम की जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि अलार्म वास्तविक धुएं की वजह से सक्रिय हुआ था या किसी तकनीकी कारण से।
एयरक्राफ्ट में किसी भी तरह के स्मोक अलार्म को गंभीरता से लिया जाता है। यही वजह है कि पायलट ने सावधानी बरतते हुए विमान को डायवर्ट किया। इस कदम से यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई और किसी संभावित खतरे की स्थिति बनने से पहले ही विमान को सुरक्षित एयरपोर्ट पर उतार लिया गया।
इससे पहले भी लखनऊ डायवर्ट हुई थी फ्लाइट
लखनऊ एयरपोर्ट पर किसी फ्लाइट की इमरजेंसी या एहतियाती लैंडिंग का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 24 अगस्त को भी दिल्ली में अचानक मौसम खराब होने के कारण मुंबई से दिल्ली पहुंची Akasa Air की फ्लाइट को लखनऊ डायवर्ट किया गया था।
बताया गया था कि विमान ने दिल्ली एयरपोर्ट के ऊपर कई चक्कर लगाए, लेकिन खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण पायलट को लैंडिंग में परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए विमान को दिल्ली में उतारने के बजाय लखनऊ एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया था। अब वाराणसी से दिल्ली जा रही Air India Express की फ्लाइट IX-1253 के मामले में भी लखनऊ एयरपोर्ट ने एक बार फिर अहम भूमिका निभाई है।
यात्रियों की सुरक्षा रही सबसे बड़ी प्राथमिकता
फिलहाल राहत की बात यह है कि विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। स्मोक अलार्म सक्रिय होने के बाद पायलट द्वारा समय रहते विमान को डायवर्ट करने के फैसले ने किसी भी संभावित खतरे को टालने में अहम भूमिका निभाई।
अब यात्रियों की नजर इस बात पर है कि तकनीकी जांच में स्मोक अलार्म सक्रिय होने की वास्तविक वजह क्या सामने आती है। एयरपोर्ट और तकनीकी टीम की जांच पूरी होने के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान की अनुमति दिए जाने की संभावना है। फिलहाल वाराणसी-दिल्ली उड़ान में आए इस तकनीकी अलर्ट ने विमानन सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सतर्कता की अहमियत सामने ला दी है।





