ब्रेकिंग
8 फीट लंबे मगरमच्छ को रोड पर घूमता देख सहमे ग्रामीण, वन विभाग ने किया रेस्क्यूकटिहार इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में ताक-झांक करने का आरोप, पकड़ा गया कर्मचारी, छात्राओं ने किया भारी हंगामाबिहार के DGP विनय कुमार 21 दिन की छुट्टी पर गये, प्रीता वर्मा संभालेंगी DGP का अतिरिक्त प्रभार बिहार में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास को मिलेगी रफ्तार, CEPT-CRDF के बीच हुआ समझौतानित्यानंद राय के क्षेत्र में नोटों की गड्डी लेकर बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे पप्पू यादव, महिलाओं और बच्चियों को नाव पर पैसे बांटते VIDEO वायरल8 फीट लंबे मगरमच्छ को रोड पर घूमता देख सहमे ग्रामीण, वन विभाग ने किया रेस्क्यूकटिहार इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल के बाथरूम में ताक-झांक करने का आरोप, पकड़ा गया कर्मचारी, छात्राओं ने किया भारी हंगामाबिहार के DGP विनय कुमार 21 दिन की छुट्टी पर गये, प्रीता वर्मा संभालेंगी DGP का अतिरिक्त प्रभार बिहार में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास को मिलेगी रफ्तार, CEPT-CRDF के बीच हुआ समझौतानित्यानंद राय के क्षेत्र में नोटों की गड्डी लेकर बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे पप्पू यादव, महिलाओं और बच्चियों को नाव पर पैसे बांटते VIDEO वायरल

बिहार में गंगा का रौद्र रुप: नदी की तेज धार से लगातार कट रही जमीन, सैकड़ों परिवार घर छोड़ने को मजबूर; आंखों के सामने उजड़ रहा आशियाना

भागलपुर के राघोपुर क्षेत्र में गंगा के भीषण कटाव से बहत्तरा, नन्हकार, छोटी अलावलपुर और शंकरपुर समेत कई गांवों में संकट गहरा गया है। सैकड़ों परिवार घर छोड़ने को मजबूर हैं, जबकि करीब 100 साल पुराना चैती दुर्गा मंदिर भी गंगा में समा गया।

Bihar Flood Alert
© Reporter
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Flood Alert: बिहार में गंगा नदी अपना रौद्र रूप दिखा रही है। भागलपुर में गंगा नदी के भीषण कटाव ने राघोपुर क्षेत्र में तबाही मचा दी है। नदी की तेज धार के कारण जमीन लगातार कटती जा रही है, जिससे बहत्तरा, नन्हकार, छोटी अलावलपुर और शंकरपुर समेत कई गांवों के सैकड़ों परिवारों पर बेघर होने का संकट मंडराने लगा है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि लोग अपनी आंखों के सामने अपने आशियाने उजड़ते देख रहे हैं और मजबूरी में घर खाली कर सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं।



कटाव घरों के मुहाने तक पहुंच चुका है। ग्रामीण दिन-रात अपने घरों से जरूरी सामान निकाल रहे हैं। कोई घर की छतों से खपड़े उतार रहा है, तो कोई ट्रैक्टरों पर अपनी जीवन भर की जमा पूंजी लादकर सुरक्षित ठिकाने की ओर निकल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द से जल्द सामान नहीं निकाला गया तो उनके घर और बचा हुआ सामान भी गंगा की धारा में समा सकता है।



कटाव की मार झेल रहे गरीब परिवारों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने के साथ-साथ अपने सामान को रखने की भी समस्या खड़ी हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क किनारे सामान रखने पर भी प्रशासन की ओर से वहां से हटाने का दबाव बनाया जा रहा है।



वहीं, पशुपालकों के लिए अपने मवेशियों को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ते कटाव और बाढ़ के बीच उन्हें अपने परिवार के साथ-साथ पशुओं की सुरक्षा की भी चिंता सता रही है।



कटाव की इस तबाही में शंकरपुर का करीब 100 साल पुराना ऐतिहासिक चैती दुर्गा मंदिर भी गंगा की तेज धार में समा गया। मंदिर के नदी में विलीन होने से ग्रामीणों में गहरा दुख और आक्रोश है। स्थानीय लोगों के लिए यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी सामाजिक और सांस्कृतिक धरोहर भी था।



गंगा के कटाव ने पूरे इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है। लगातार जमीन खिसकने और घरों के नदी की चपेट में आने के खतरे के बीच ग्रामीणों के सामने अब पलायन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। लोग अपनी जान और बची हुई संपत्ति को सुरक्षित करने की जद्दोजहद में जुटे हैं।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता